
Report manpreet singh
Raipur chhattisgarh VISHESH फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 18 से 25 साल के सभी युवाओं को फ्री में कंडोम उपलब्ध कराने की घोषणा की है। जनवरी से फ्रांस के युवाओं को कंडोम खरीदने के लिए पैसे नहीं देने होंगे। इस फैसले की वजह फ्रांस में एड्स और दूसरे सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (एसटीआई) को फैलने से रोकना है। साथ ही अनचाही प्रेग्नेंसी पर भी लगाम लगाना है।

मैक्रों ने 2030 तक फ्रांस को ‘नए एचआईवी मामलों से मुक्त’ करने का लक्ष्य रखा है। फ्रांस में 2020 और 2021 में सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन के मामलों में 30 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई थी। वहीं 2021 में एचआईवी के करीब 5000 नए मामले रिकॉर्ड किए गए थे
फ्रांस के युवाओं में बढ़ रहे एसटीआई के मामले
फ्रांस के युवाओं में क्लैमाइडिया और गोनोरिया जैसी एसटीआई लगातार बढ़ रही है। 2012 से 2016 के बीच क्लैमाइडिया और गोनोरिया के मामलों में तीन गुना से ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई थी। 2012 में क्लैमाइडिया के 76, 918 मामले सामने आए थे जो 2016 में बढ़कर 267,097 हो गए थे। वहीं गोनोरिया के 2012 में 15,067 मामले सामने आए थे जो 2016 में बढ़कर 49,628 हो गए थे। वहीं 2017 से 2019 के बीच 15 से 29 साल के युवाओं में एसटीआई के 45 फीसदी ज्यादा मामले देखे गए।
अमेरिका के युवाओं में कंडोम का उपयोग ना करने की आदत बढ़ रही है। जिससे एसटीआई के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। 2021 में सिफलिस, क्लैमाइडिया और गोनोरिया के लगभग 25 लाख मामले सामने आए। इन मामलों की संख्या एक दशक में दुगनी हो गई है। इनमें से आधे से ज्यादा मामले 15 से 24 साल के युवाओं में मिले।
भारत में 2010 से 2019 तक एचआईवी के नए मामलों में 37 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। परिवार एवं कल्याण मंत्रालय की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 23.49 लाख लोग एचआईवी वायरस/एड्स से प्रभावित हैं। भारत में भी कंडोम के प्रयोग को बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
इसी साल सरकार ने 26 साल तक की सभी महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक फ्री कर दिए थे। जिससे कोई लड़की या महिला पैसे ना होने के कारण गर्भनिरोधक से वंचित ना रहे। इसका फायदा करीब 30 लाख लड़कियों और महिलाओं को मिलेगा। इससे पहले 18 साल से कम उम्र की लड़कियों को ही गर्भनिरोधक फ्री में मिलते थे। फ्रांस में एसटीआई पर लगाम लगाने के लिए और भी कई स्वास्थ्य अभियान चलाए जा रहे हैं। फ्रांस में युवा एसटीआई होने की आशंका होने पर फ्री में जांच करा सकते हैं।राष्ट्रपति मैक्रों ने इसे रोकथाम की दिशा में एक छोटी क्रांति बताया है। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस यौन शिक्षा के मामले में बहुत अच्छा नहीं है। हकीकत थ्योरी से बहुत अलग होती है। इस क्षेत्र में हमें लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। पिछले साल हुई एक स्टडी में सामने आया था कि फ्रांस में हर चार में एक युवा नए साथी के साथ संबंध बनाते समय कंडोम का प्रयोग बिल्कुल नहीं करते हैं या कभी-कभी ही करते हैं।





















