



जनजातीय समुदायों के द्वार तक शिक्षा की पहुंच
• एनएमडीसी की सीएसआर पहल से 12 ग्राम पंचायतें लाभान्वित।
• 48 विद्यालयों के 1,269 विद्यार्थियों को स्कूल बैग, जूते एवं मोजे वितरित।

बचेली, 6 नवंबर 2026 : जनजातीय कल्याण, समावेशी विकास एवं सामुदायिक उन्नति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करते हुए, एनएमडीसी लिमिटेड, बचेली कॉम्प्लेक्स ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण शैक्षिक सहायता पहल सफलतापूर्वक पूर्ण की है, जिससे बचेली परियोजना के आसपास की 12 ग्राम पंचायतों के 48 विद्यालयों में अध्ययनरत 1,269 स्कूली बच्चे लाभान्वित हुए हैं।
इस पहल के अंतर्गत विद्यार्थियों को स्कूल बैग, जूते एवं मोजे वितरित किए गए, जिससे क्षेत्र के जनजातीय एवं ग्रामीण समुदायों के बच्चों को आवश्यक शैक्षिक सहायता उपलब्ध कराई गई। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 12 ग्राम पंचायतों — बैंगपाल, पाढ़ापुर, बड़े बचेली, दुगेली, मोलासनार, मसेनार, गंजेनार, धुरली, नेरली, भांसी, गमावाड़ा एवं बड़े कमेली — को शामिल किया गया, जिसके तहत 48 विद्यालयों तक पहुंच बनाते हुए कुल 1,269 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया।
इस पहल के संबंध में अपने विचार व्यक्त करते हुए, एनएमडीसी बचेली के परियोजना प्रमुख श्री श्रीधर कोडाली ने कहा:
“एनएमडीसी में हमारा यह दृढ़ विश्वास है कि किसी संगठन की प्रगति उसके कार्यक्षेत्र में स्थित समुदायों के विकास एवं कल्याण के साथ-साथ होनी चाहिए। शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है और जमीनी स्तर पर बच्चों को सहयोग प्रदान करना बस्तर के भविष्य में निवेश करने के समान है। निरंतर सीएसआर पहलों के माध्यम से एनएमडीसी जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने, शैक्षिक अवसरों को सुदृढ़ करने तथा विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
सहायक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के महत्व को ध्यान में रखते हुए, एनएमडीसी ने स्कूली बच्चों की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने तथा शिक्षा के प्रति उनकी निरंतर भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह पहल की है। स्कूल बैग, जूते एवं मोजे उपलब्ध कराने का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी दैनिक स्कूली आवश्यकताओं में सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास एवं सहजता को बढ़ावा देना तथा विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन श्रीमती के. लक्ष्मी नागवेणी, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) तथा श्री जोसी थॉमस, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) एवं प्रमुख, सीएसआर, एनएमडीसी बचेली के मार्गदर्शन में किया गया। यह संगठन द्वारा प्रभावी सीएसआर क्रियान्वयन एवं समुदाय-केंद्रित विकास पहलों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एनएमडीसी अपनी बचेली परियोजना के आसपास के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, पेयजल एवं सामुदायिक कल्याण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए निरंतर विभिन्न सीएसआर गतिविधियां संचालित करता रहा है। ये पहलें यह दर्शाती हैं कि कंपनी औद्योगिक विकास को स्थानीय एवं जनजातीय समुदायों के लिए प्रत्यक्ष सामाजिक एवं आर्थिक लाभ में परिवर्तित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
12 ग्राम पंचायतों में इस शैक्षिक सहायता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक पूर्ण होना बस्तर के लोगों के साथ अपने जुड़ाव को और अधिक सुदृढ़ करने के एनएमडीसी के निरंतर प्रयासों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। जमीनी स्तर पर बच्चों को सहयोग प्रदान करके कंपनी एक शिक्षित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में निरंतर योगदान दे रही है।
एनएमडीसी के लिए प्रगति का मूल्यांकन केवल औद्योगिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन समुदायों के जीवन में उत्पन्न सकारात्मक एवं स्थायी बदलावों से भी होता है, जिनकी वह सेवा करता है।
एनएमडीसी — खदानों से आगे निर्माण। समुदायों का सशक्तीकरण। जीवन में परिवर्तन।








