

दुर्ग जिले के बीरेझर, बोरवाय और अरसनारा में भिलाई इस्पात संयंत्र की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के तहत आयोजन
प्रविष्टि तिथि: 27 OCT 2026 6:18PM
भिलाई इस्पात संयंत्र ने अपनी कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत दुर्ग जिले के ग्राम बीरेझर, बोरवाय और अरसनारा में निःशुल्क चिकित्सा जांच शिविर आयोजित किए। इन शिविरों के माध्यम से कुल 131 ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इनमें 36 पुरुष और 95 महिलाएं शामिल थीं। शिविरों में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया।

ग्राम बीरेझर में आयोजित शिविर में 44 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य जांच कराई, जिनमें 9 पुरुष और 35 महिलाएं शामिल थीं। भिलाई इस्पात संयंत्र के सीएसआर विभाग की ओर से चिकित्सा अधिकारी डॉ. नितिन कुमार महंत, फार्मासिस्ट श्री विविध बर्छिहा, नर्सिंग स्टाफ श्री मोहम्मद सिराज और पंजीयन कार्य में सहयोग के लिए श्री राकेश कुमार ने सेवाएं दीं। जिला चिकित्सालय की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ-एफ) सुश्री प्रिया कश्यप ने भी शिविर में सहयोग प्रदान किया।

ग्राम बोरवाय में आयोजित शिविर में 44 ग्रामीणों ने चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया। इनमें 16 पुरुष और 28 महिलाएं शामिल थीं। शिविर में बीएसपी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रणय दत्ता, फार्मासिस्ट श्री मनीष कुमार, नर्सिंग स्टाफ सुश्री रेणुका और पंजीयन कार्य में सहयोग के लिए श्री विवेक ध्रुव ने अपनी सेवाएं दीं। जिला चिकित्सालय की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सुश्री गायत्री चंद्राकर ने भी शिविर में सहयोग किया। ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।

इसी क्रम में ग्राम अरसनारा में आयोजित शिविर में 43 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें 11 पुरुष और 32 महिलाएं शामिल थीं। यहां बीएसपी की ओर से चिकित्सा अधिकारी डॉ. रवींद्र कश्यप, फार्मासिस्ट श्री मनीष कुमार, नर्सिंग स्टाफ सुश्री रेणुका और पंजीयन कार्य में सहयोग के लिए श्री विवेक ध्रुव ने सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में ग्रामीणों को चिकित्सकीय परामर्श देने के साथ आवश्यक दवाइयां भी निःशुल्क वितरित की गईं।

इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान करना और लोगों को उचित चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना था। गांवों में ही जांच और उपचार संबंधी प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूरस्थ स्थानों तक जाने की आवश्यकता कम होती है। भिलाई इस्पात संयंत्र की यह पहल ग्रामीण समुदायों के स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देने और सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन की दिशा में उसके प्रयासों को रेखांकित करती है।








