




राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईसीटी अकादमी, आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से आयोजित पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) ‘Emerging Technologies for Space and Interplanetary Systems (ETSIS-2026)’ का 16 अक्टूबर 2026 को सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ावा देना, अनुसंधान सहयोग को प्रोत्साहित करना तथा वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान के लिए नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण विकसित करना था।
कार्यक्रम में प्रो. आशुतोष कुमार सिंह, निदेशक, आईआईआईटी भोपाल, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, प्रो. एन. डी. लोंढे, कुलसचिव, एनआईटी रायपुर, विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस पाँच दिवसीय कार्यक्रम के संयोजक डॉ. कपिल कुमार सोनी तथा समन्वयक डॉ. हिमांशु गोविल और डॉ. सौरभ गुप्ता थे।

प्रो. एन. डी. लोंढे ने एनआईटी रायपुर में सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन (COSINE) की स्थापना की पहल की सराहना की। उन्होंने एनआईटी रायपुर और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईसीटी अकादमी, आईआईटी गुवाहाटी के बीच सहयोग को उभरते एवं अंतर्विषयक क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने इन पहलों को छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि और उभरती तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में अहम कदम बताया। साथ ही, उन्होंने युवाओं को कौशल-आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने तथा अंतरिक्ष अनुप्रयोगों सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में उनके लिए नए अवसर सृजित करने पर बल दिया।
मुख्य अतिथि प्रो. आशुतोष कुमार सिंह ने ध्यानपूर्वक सुनने की कला विकसित करने के महत्व पर प्रकाश डाला और इसे चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ अत्यंत आवश्यक बताया। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के तेजी से विस्तृत होते क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और उभरती क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकों में हो रही प्रगति अंतरिक्ष एवं अंतरग्रहीय प्रणालियों के अब तक अन्वेषित पहलुओं को समझने और उनका पता लगाने की हमारी क्षमताओं को बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि ये तकनीकें नवाचार, सामाजिक उपयोगिता और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न कर सकती हैं।
प्रेरणादायक पंक्ति “सितारों के आगे जहाँ और भी हैं” का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रतिभागियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने तथा दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास के साथ उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम ने अंतरिक्ष एवं अंतरग्रहीय प्रणालियों के क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने और अनुसंधान एवं नवाचार के नए अवसरों को विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।









