

प्रविष्टि तिथि: 23 SEP 2026 6:15PM by PIB Raipur
22 सितंबर 2026 को भिलाई प्रवास पर आए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के निदेशक (कार्मिक) श्री के के सिंह ने 23 सितंबर 2026 को भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा कर वर्तमान सुरक्षा प्रणालियों की समीक्षा की। संयंत्र पहुंचने पर उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र से मुलाकात की।

निदेशक (कार्मिक), सेल श्री के के सिंह ने निदेशक प्रभारी के साथ ब्लास्ट फर्नेस में विगत दिनों हुई दुर्घटना के घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यपालक निदेशक (एमटीआई) व अतिरिक्त प्रभार कार्यपालक निदेशक (एसएसओ) श्री संजय धर, कार्यपालक निदेशक (ऑपरेशंस) श्री प्रदीप कुमार बैसाखिया, मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) श्री मनोज कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (एसईडी) श्रीमती पुष्पा एम्ब्रोस, मुख्य महाप्रबंधक (एचआर) श्री प्रशांत ओझा सहित संयंत्र के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इसके पश्चात संयंत्र के सभी कार्यपालक निदेशकों एवं मुख्य महाप्रबंधकों के साथ इस्पात भवन में आयोजित बैठक में संयंत्र में वर्तमान में अपनाई जा रही सुरक्षा प्रक्रियाओं एवं प्रणालियों की समीक्षा की गई। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदमों एवं उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से सुझाव भी आमंत्रित किए। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों में सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा आगे की जाने वाली आवश्यक पहलों के संबंध में अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने कहा कि सुरक्षा के संबंध में अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य में किए जाने वाले ठोस उपायों को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संयंत्र में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी एवं ठेका श्रमिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी स्तरों पर सुरक्षा के प्रति निरंतर सजगता बनाए रखने तथा सुधारात्मक एवं निवारक उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।
बैठक में सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक उपायों को समयबद्ध रूप से लागू करने तथा सभी स्तरों पर सुरक्षा के प्रति सतत सजगता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर सुरक्षित कार्य संस्कृति को और मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता रेखांकित की गई।





















