


Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुर, 17 सितंबर 2026
एन आई टी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एन आई टी आर आर एफ आई ई ) ने आज द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TiE) के रायपुर चैप्टर के साथ एक समझौता ज्ञापन (एम् ओ यु ) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करना है। एक वर्ष की अवधि वाले इस एम् ओ यु पर एन आई टी आर आर एफ आई ई के बोर्ड निदेशक प्रो. समीर बाजपेयी तथा TiE रायपुर के अध्यक्ष श्री मनीष मोहता ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर TiE रायपुर की ओर से कार्यकारी सदस्य श्रीमती आकांक्षा प्रीत उपस्थित रहीं। डॉ एस. सान्याल, डीन (कॉर्पोरेट रिलेशन एंड रिसोर्स मोबिलाइजेशन), डॉ. अनुज के. शुक्ला, फैकल्टी इंचार्ज, एन आई टी आर आर एफ आई ई; श्री पवन कटारिया, सहायक कुलसचिव, एन आई टी रायपुर एवं ऑफिसर इंचार्ज, एन आई टी आर आर एफ आई ई ; सुश्री मेधा सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एन आई टी आर आर एफ आई ई तथा श्री सुनील देवांगन, इनक्यूबेशन मैनेजर उपस्थित रहे।
एन आई टी आर आर एफ आई ई एक गैर-लाभकारी सेक्शन-8 कंपनी है और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एन आई टी) रायपुर के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर के रूप में कार्य करती है। यह NIDHI टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर कार्यक्रम के अंतर्गत नवाचार आधारित उद्यमों को सहयोग प्रदान करती है। वहीं, TiE रायपुर विश्व के सबसे बड़े उद्यमियों, निवेशकों एवं व्यवसायिक नेतृत्वकर्ताओं के नेटवर्क में से एक का हिस्सा है और मेंटरिंग, नेटवर्किंग तथा ज्ञान-विनिमय के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।
यह एम् ओ यु दोनों संस्थानों की क्षमताओं को एकीकृत करने के लिए एक औपचारिक रूपरेखा प्रदान करता है। इसके तहत TiE रायपुर के अनुभवी सदस्य एन आई टी आर आर एफ आई ई में इनक्यूबेट किए जा रहे स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन एवं मेंटरशिप प्रदान करेंगे। दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से कार्यशालाओं, पिचिंग सत्रों, निवेशक संवाद तथा नेटवर्किंग कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी। इस सहयोग के समन्वय के लिए नामित नोडल अधिकारी कार्य करेंगे।
उभरते शहरों के स्टार्टअप्स के पास प्रायः मजबूत तकनीक और नए विचार होते हैं, लेकिन अनुभवी मेंटर्स, बाजार संबंधी जानकारी तथा निवेशक नेटवर्क तक सीमित पहुंच उनके विकास में चुनौती बनती है। यह साझेदारी एन आई टी रायपुर के अनुसंधान-आधारित नवाचार को TiE रायपुर के उद्यमशील अनुभव से जोड़कर इस अंतर को कम करने का प्रयास करेगी। छत्तीसगढ़ के युवा उद्यमियों को अब ऐसे मार्गदर्शन और नेटवर्क तक पहुंच प्राप्त होगी, जो पहले मुख्य रूप से बड़े महानगरों तक सीमित थे। इस सहयोग से विचारों को बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी आने, स्टार्टअप्स की निवेश-तत्परता में सुधार, रोजगार के अवसरों के सृजन तथा रायपुर को नवाचार के एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने में योगदान मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर एन आई टी आर आर एफ आई ई के बोर्ड निदेशक डॉ. समीर बाजपेयी ने कहा, “TiE रायपुर के साथ यह साझेदारी एन आई टी रायपुर की शैक्षणिक क्षमता और उद्योग जगत के अनुभवी नेतृत्वकर्ताओं के उद्यमशील अनुभव को एक मंच पर लाती है। इससे हमारे नवप्रवर्तकों को अनुसंधान को ऐसे उद्यमों में परिवर्तित करने में सहायता मिलेगी, जो छत्तीसगढ़ और राष्ट्र के लिए वास्तविक मूल्य का सृजन करें।”
एन आई टी आर आर एफ आई ई के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. अनुज के. शुक्ला ने कहा, “प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप के लिए अनुभवी उद्यमियों से मिलने वाली मेंटरशिप अक्सर महत्वपूर्ण अंतर पैदा करती है। इस एम् ओ यु के माध्यम से हमारे इनक्यूबेटीज़ को TiE रायपुर के नेटवर्क, मार्गदर्शन और निवेशकों से जुड़ने के अवसरों तक प्रत्यक्ष पहुंच प्राप्त होगी।”
TiE रायपुर के नेतृत्व ने इस एम् ओ यु को शिक्षा जगत और उद्योग के बीच एक स्वाभाविक साझेदारी बताया तथा उद्यमियों की अगली पीढ़ी को सशक्त बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
दोनों संस्थानों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग प्रभावशाली परिणाम देगा और दीर्घकालिक साझेदारी की मजबूत नींव रखेगा।






















