

विशेष आलेख साबित करथे कि जब नेतृत्व में नीयत साफ़ हो, त विकास के गंगा हर घर तक पहुँचथे।
सबसे बड़ा परिवर्तन यह हुआ कि शासन अब जनता के द्वार पर है। प्रशासन और लोगों के बीच जो दूरी कभी रही, वह अब सहभागिता में बदल रही है।

Dr. Manpreet singh
Raipur chhattisgarh VISHESH / प्रदेश मे आज जन-जन की ज़ुबान पर यह बात बैठ चुकी है कि समाज की नैया को पार लगाने वाले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, एक सच्चे ‘खिवैय्या’ (नाविक) साबित हो रहे हैं। सरल स्वभाव, सहज मुस्कान और छत्तीसगढ़ के किसानों व जनजातीय समाज के प्रति गहरा समर्पण l लगभग विगत तीन बर्षों से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण रहे, क्योंकि यह समय केवल शासन का नहीं, सेवा और समर्पण का था जिसमें उन्हें जनता के साथ चलने का, आपकी मुस्कान में अपने दायित्व का प्रतिबिंब देखने का अवसर मिला। जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ के हर कोने में विकास का दीप जलाने की कोशिश की है l छत्तीसगढ़ आज विश्वास और स्थिरता के एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है।
एक कुशल राजनेता वही है जो समाज के हर वर्ग के सुख-दुख को समझे और सबको विकास की मुख्यधारा से जोड़े। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के इसी मंत्र को ज़मीन पर उतार रहे हैं छत्तीसगढ़ शासन के मुखिया, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
इस पंक्ति का सीधा और सुंदर मतलब यह है:
- सब्बो मन के: सभी लोगों के, हर किसी के।
- एक खिवैया: नाव पार लगाने वाले (खेवनहार या संकट से उबारने वाले मार्गदर्शक)।
छत्तीसगढ़ी और हिंदी के प्रभाव वाले लहजे में लिखा गया एक बेहद आत्मीय नारा है। यह वाक्य मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व, जन-कल्याणकारी सोच और सबको साथ लेकर चलने की उनकी क्षमता को रेखांकित करता है। यहाँ उनके नेतृत्व और व्यक्तित्व पर एक विशेष आलेख प्रस्तुत है जो कि एक लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी/बुंदेली लोक गीत या नारा है l
🌟 सहजता और सरलता: जनता के ‘भईया’
विष्णु देव साय की सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी है। मुख्यमंत्री के ऊंचे पद पर होने के बाद भी वे आम जनता से एक बड़े भाई या परिवार के सदस्य की तरह मिलते हैं। यही कारण है कि लोग उन्हें केवल मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि आदर और अपनेपन से “विष्णु भैय्या” पुकारते हैं। उनके दरबार में समाज के अंतिम व्यक्ति की सुनवाई भी उतनी ही सहजता से होती है, जितनी किसी रसूखदार की।
छत्तीसगढ़ के पावन भुइँया में जब-जब बदलाव के जरूरत हुई है, तब-तब तब यहा की माटी ने एक एसे जननायक को जन्म दिया है जो समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ा हैं । आज के समय में छत्तीसगढ़ शासन के मुखिया, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जिन्हें प्रदेश की जनता मया से ‘विष्णु भैय्या’ कहती है, राज्य के विकास के नवा खिवैय्या बनके उभरे हैं। ‘सब्बो मन के एक खिवैय्या’ का यह नारा सिर्फ शब्द नहीं हैं , बल्कि ये प्रदेश की महिला, किसान और युवको के जीवन में आथिया बदलाव का एक जीता-जागता प्रमाण हे।
🤝 ‘सब्बो मन के खिवैय्या’: सबको साथ लेकर चलना
‘सब्बो मन के खिवैय्या’ का अर्थ है – हर वर्ग का ध्यान रखने वाला। चाहे किसान हो, आदिवासी समाज हो, महिलाएं हों या युवा, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के एजेंडे में हर कोई शामिल है। वे प्रादेशिक सीमाओं से परे जाकर केंद्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर एक ऐसे नेता के रूप में उभरे हैं जो अपनी कार्यशैली से कानून-व्यवस्था को मजबूत रखते हुए भी जनता के प्रति बेहद संवेदनशील हैं।
💼 दूरदर्शी नीतियां और कुशल नेतृत्व
एक ‘खिवैय्या’ की तरह वे जानते हैं कि राज्य को विकास की किस दिशा में ले जाना है। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है विष्णु भैय्या के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजना से प्रदेश आज नित विकास की नई रफ़्तार पकड़ रहा हैं ।
1. नारी शक्ति ल संबल:
महतारी वंदन योजना : विष्णु भैय्या की सरकार ने प्रदेश मे महिला वर्ग को ना केवल आर्थिक रूप से मजबूत किया ब्लकि उन्हें आत्मनिर्भर बना कर महतारी वंदन योजना के शुरुआत की हैं, हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और सम्मान की दिशा में नए कदम उठाए गए ताकि हर घर में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का वातावरण बने
- सीधा लाभ: इस योजना के तहत प्रदेश के विवाहित महिला को हर महीना 1,000 रुपये (सालाना 12,000 रुपये) सीधे उनके बैंक खाता में भेजे ज़ाते हैं ।
- आत्मसम्मान: उक्त राशि से महिलाओ की छोटी -छोटी जरूरतों को ध्यान मे रखते हुए, और किसी के आगे हाथ फैलाने से बचने और समाज में उनका सम्मान क़याम रखने के लिए आज पूरे प्रदेश की लाखों महतारी को विष्णु भैय्या ने असीस दी हैं।
2. अन्नदाता मन के मान:
किसान हितैषी फैसले : छत्तीसगढ़ को ‘धान का कटोरा’ कहा जाता हैं , और किसान इसकी रीढ़ हैं। विष्णु भैय्या के कमान संभालते ही किसानो के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं l किसानों की मेहनत को सम्मान देने के लिए सुविधाएँ बढ़ाईं, जिससे उनकी उपज का पूरा मूल्य समय पर मिल सके।
- धान के रिकॉर्ड क़ीमत: सरकार ने किसानो से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का वादा पूरा किया ।सरकार पंजीकृत किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदती है
- बकाया बोनस के भुगतान: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस (सुशासन दिवस) के मौक़ा पर किसानो का दो साल के बकाया धान बोनस (लगभग 3,716 करोड़ रुपये) सीधे उनके खाता में ट्रांसफर किया गया ।
- कृषि उन्नति योजना: छत्तीसगढ़ सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता देना और कृषि को बढ़ावा देना हैं l धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी वैकल्पिक फसलें उगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 10,000 से 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
3. युवा मन के सपना ल उड़ान:
. रोज़गार अउ सुशासन : प्रदेश के युवाजन जो कि छत्तीसगढ़ का भविष्य हैं। विष्णु भैय्या की सोच युवाओं को ना सिर्फ रोज़गार देना हे, बल्कि उन्हें स्वावलंबी बनाना भी, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता आए, युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए नई भर्तियों, प्रशिक्षण और औद्योगिक अवसरों के द्वार खोले गए।
- पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया: पीएससी और अन्य सरकारी भर्ती में हुई गड़बड़ी को जांच कराके युवाओं के भरोसा को बहाल करे हैं । और अब योग्यता के दम पर उन्हें नौकरी मिल रही हैं l
- कौशल विकास अउ स्टार्टअप: युवाओ को नया उद्योग और स्टार्टअप शुरू करने आर्थिक मदद और ट्रेनिंग दी जा रही हैं ।
- खेल अउ संस्कृति: स्थानीय प्रतिभा को तराशने छत्तीसगढ़िया खेल कूद और युवा उत्सव नए ऊर्जा के साथ देखा जा सकता हैं , जिससे यहा के युवको का हुनर देश-दुनिया में देखा जा सकें।
- किसानों और गरीबों का कल्याण: समाज के वंचित और शोषित वर्ग के लिए चलाई जा रही योजनाओं को सीधे उन तक पहुँचाना उनकी प्राथमिकता रही है।
4. विकास की रोशनी : आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों का ऐसा जाल बिछाया गया जिससे विकास की रोशनी उन इलाकों तक पहुँचे जहाँ पहले उम्मीदें धुंधली थीं l
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अब तक का सफर यह दिखाता है कि एक ज़मीनी कार्यकर्ता भी अपनी मेहनत, निष्ठा और सेवाभाव से शीर्ष पर पहुँच सकता है। वे छत्तीसगढ़ की तरक्की की नैया को सही दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं। सही मायनों में, वे आज की राजनीति में एक ऐसे ‘खिवैय्या’ हैं जिन पर जनता का अटूट भरोसा है। ‘सब्बो मन के एक खिवैय्या, विष्णु भैय्या’ के मूल मंत्र है—सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। महिलाओ का सशक्तिकरण, युवाओ के सुनहरे भविष्य,और किसानों के समृद्धि के लिए विष्णु सरकार छत्तीसगढ़ मे विकास को नित नए मुकाम पर ले जा रहे है। विष्णु भैय्या का सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ की जनता सुरक्षित और गौरवान्वित महसूस कर रही हैं ।





















