

Raipur chhattisgarh VISHESH / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के रोबोटिक्स क्लब द्वारा 19 से 23 अगस्त 2026 तक “ए आई, रोबोटिक्स एवं इंडस्ट्री इनोवेशन 4.0” विषय पर पाँच दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्घाटन सत्र 19 अगस्त 2026 को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एन आई टी रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. श्रीश वर्मा, रोबोटिक्स क्लब के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. राजेश डोरिया तथा रोबोट्री के रोबोटिक्स इंजीनियर श्री आर्यन जगुश्ते की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यशाला का आयोजन डॉ. समीर बाजपेयी, प्रमुख (सी डी सी) के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आई आई सी एवं मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के इनोवेशन सेल के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त प्रणालियों और इंडस्ट्री 4.0 के क्षेत्र में व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान प्रदान करना है। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा ROS/ROS2, कंप्यूटर विज़न, स्वायत्त नेविगेशन, सेंसर फ्यूजन, प्रोटोटाइपिंग, नवाचार तथा उद्यमिता जैसे विषयों पर व्याख्यान एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जाएँगे।

प्रो. एन. वी. रमना राव ने AI, रोबोटिक्स एवं इंडस्ट्री 4.0 पर कार्यशाला के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण एवं उत्साहजनक पहल बताया। उन्होंने इंडस्ट्री 3.0 से इंडस्ट्री 4.0 की ओर हो रहे बदलाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जहाँ इंडस्ट्री 3.0 मुख्य रूप से स्वचालित मशीनों पर केंद्रित थी, वहीं इंडस्ट्री 4.0 में प्रणालियाँ तेजी से बुद्धिमत्तापूर्ण निर्णय लेने में सक्षम हो रही हैं। उन्होंने AI और रोबोटिक्स द्वारा संचालित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस तथा सप्लाई-चेन ऑप्टिमाइजेशन को इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्रगतियों में शामिल बताया।
डॉ. राजेश डोरिया ने पाँच दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बताया कि रोबोटिक्स का क्षेत्र अब AI, मशीन लर्निंग, IoT तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ तेजी से एकीकृत हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला केवल तकनीकी व्याख्यानों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिभागियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं की पहचान कर उनके लिए रोबोटिक्स आधारित समाधान विकसित करने तथा उन्हें स्टार्टअप के रूप में आगे बढ़ाने के लिए भी प्रेरित करती है। कार्यशाला में आठ राज्यों के 15 इंजीनियरिंग महाविद्यालयों से लगभग 170 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें विभिन्न विषयों के विद्यार्थी एवं संकाय सदस्य शामिल हैं।
श्री आर्यन जगुश्ते ने कार्यशाला के आयोजन के लिए एन आई टी रायपुर का आभार व्यक्त करते हुए इसे तीव्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यशाला के दौरान सक्रिय रूप से भाग लेने, अपनी जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान करने तथा संवादात्मक सत्रों का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में हो रहे तीव्र बदलावों का उल्लेख करते हुए प्रतिभागियों को निरंतर सीखने और बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. श्रीश वर्मा ने विद्यार्थियों के लिए रोबोटिक्स एवं AI के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे रोबोट अधिक मानवीय क्षमताओं से युक्त होते जा रहे हैं और स्वायत्त निर्णय लेने में सक्षम हो रहे हैं, वैसे-वैसे उनसे जुड़े संभावित जोखिमों को समझना भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से उभरती प्रौद्योगिकियों के लाभों के साथ-साथ उनकी चुनौतियों को समझने तथा उनका जिम्मेदारीपूर्वक समाधान करने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
उद्घाटन सत्र का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ, इसके साथ ही पाँच दिवसीय कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ हुआ।





















