

“प्रकृति कैफे” स्वस्थ दैनिक विकल्पों के माध्यम से कल्याण को बढ़ावा देने के हमारे दृष्टिकोण को दर्शाता है: श्री प्रतापराव जाधव
प्रकृति कैफे पहल कार्यस्थल पर आयुष-प्रेरित स्वस्थ खान-पान को बढ़ावा देती है
प्रविष्टि तिथि: 22 JUL 2026 4:28PM by PIB Delhi
केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री, श्री प्रतापराव जाधव ने आज आयुष भवन में प्रकृति कैफे का उद्घाटन किया। यह आयुष मंत्रालय की अपनी तरह की पहली कार्यस्थल पहल है, जिसका उद्देश्य आयुष आहार से प्रेरित स्वस्थ आहार प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने कहा, “प्रकृति कैफे न केवल स्वास्थ्य देखभाल के माध्यम से, बल्कि स्वस्थ दैनिक विकल्पों के माध्यम से भी कल्याण को बढ़ावा देने के हमारे दृष्टिकोण का प्रतिबिंब है। भोजन हमारे समग्र स्वास्थ्य का एक अभिन्न अंग है, और पौष्टिक भोजन अपने आप में पोषण का एक रूप और अच्छे स्वास्थ्य के लिए सहायक हो सकता है। आयुष आहार जैसी पहल के माध्यम से, हम पौष्टिक, स्वास्थ्यवर्धक और संतुलित खान-पान के बारे में अधिक जागरूकता को प्रोत्साहित करना चाहते हैं।”
श्री जाधव ने यह भी कहा कि “आज, हमारी खान-पान की आदतें बदल रही हैं, और जंक फूड की बढ़ती संस्कृति स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को बढ़ा रही है। हमें ऐसी अस्वस्थ आदतों से जुड़े जोखिमों को पहचानना चाहिए, विशेष रूप से युवाओं के बीच, और स्वस्थ विकल्पों को प्रोत्साहित करना चाहिए। प्रकृति कैफे एक ऐसी जगह प्रदान करेगा जहां लोग अपने दैनिक जीवन में स्वस्थ जीवन के मूल्यों का अनुभव कर सकेंगे, और जहां आयुष से प्रेरित पौष्टिक भोजन किफायती दामों पर उपलब्ध होगा।”
एक स्वस्थ जीवनशैली के हिस्से के रूप में सजग पोषण (mindful nutrition) के महत्व पर जोर देते हुए, आयुष मंत्रालय के सचिव, वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, “प्रकृति कैफे के पीछे का विचार आयुष के सिद्धांतों को रोजमर्रा की जिंदगी के करीब लाना है। एक स्वस्थ जीवनशैली सरल और निरंतर विकल्पों से बनती है, और सजग होकर खाना (mindful eating) उस यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमें उम्मीद है कि प्रकृति कैफे एक ऐसी जगह बनेगा जो स्वस्थ खान-पान की आदतों, सामूहिकता और भारत की पौष्टिक पोषण की समृद्ध परंपराओं की अधिक सराहना को प्रोत्साहित करेगा।”
यह कैफे आयुष आहार पहल से प्रेरित ताज़ा और पौष्टिक भोजन के कई विकल्प प्रदान करता है, जो भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर आधारित पौष्टिक आहार प्रथाओं को बढ़ावा देने का प्रयास करता है। इस पहल का उद्देश्य एक स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली को बनाए रखने में भोजन और पोषण के महत्व के बारे में अधिक जागरूकता पैदा करना भी है।
इसके मेनू में विभिन्न प्रकार के पौष्टिक व्यंजन शामिल हैं, जिनमें चुकंदर और ओट्स कटलेट, कोसाम्बरी, मिलेट ढोकला, खांडवी, ओट्स पोहा, लिटिल मिलेट वेजिटेबल उपमा और गुड़ से बनी मखाना खीर शामिल है। इसके साथ ही नारियल पानी और तुलसी-अदरक की चाय एवं ग्रीन टी जैसे ताज़ा हर्बल पेय के विकल्प भी मौजूद हैं। ये रोजमर्रा के जीवन में संतुलित, स्वास्थ्यप्रद और पौष्टिक भोजन विकल्पों को प्रोत्साहित करके आयुष आहार के सिद्धांतों को दर्शाते हैं।
उद्घाटन समारोह में आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रकृति कैफे का शुभारंभ, निवारक स्वास्थ्य देखभाल (preventive healthcare) के समकालीन दृष्टिकोणों के साथ आयुष के सिद्धांतों को एकीकृत करके स्वास्थ्य, कल्याण और सचेत जीवन को बढ़ावा देने वाली कार्यस्थल संस्कृति को विकसित करने के मंत्रालय के प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण कदम है।.



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