

प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 6:00PM by PIB Raipur
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में मंगलवार को विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 5वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “पावर कंट्रोल एंड कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजीज (इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स – आईईईई आईसीपीसी2टी–2026)” का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य ऊर्जा, विद्युत प्रणालियों, नियंत्रण एवं कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकी से संबंधित नवीनतम शोध, तकनीकी नवाचारों और उभरती चुनौतियों पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करना है।


उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. ओमप्रकाश व्यास, निदेशक, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. एम. के. बदापंडा, प्रमुख, रेडियो फ्रीक्वेंसी सप्लाई अनुभाग, राजा रामन्ना उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्र, इंदौर ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमणा राव ने की। इस अवसर पर अधिष्ठाता (शैक्षणिक) डॉ. शुभ्रता गुप्ता, कुलसचिव डॉ. एन. डी. लोंढे तथा सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव सहित संस्थान के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं शोधार्थी उपस्थित थे।
सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि सम्मेलन में विभिन्न देशों तथा देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि कुल 800 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से कठोर समीक्षा प्रक्रिया के बाद 256 शोध-पत्र चयनित किए गए। इनमें से 188 शोध-पत्र ऑनलाइन तथा 56 शोध-पत्र ऑफलाइन प्रस्तुत किए जाएंगे।
कुलसचिव डॉ. एन. डी. लोंढे ने सम्मेलन को विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण एवं प्रतिष्ठित आयोजन बताते हुए कहा कि इस प्रकार के मंच शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों को ज्ञान एवं अनुभव के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं।
अपने संबोधन में निदेशक प्रो. एन. वी. रमणा राव ने कहा कि सम्मेलन में डीप लर्निंग, मशीन लर्निंग, स्मार्ट ग्रिड, रोबोटिक्स, विद्युत उत्पादन तथा उच्च वोल्टेज अभियांत्रिकी जैसे समकालीन विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्तुत शोध-पत्र ऊर्जा क्षेत्र में नई तकनीकी संभावनाओं और अनुसंधान के अवसरों को उजागर करेंगे।
मुख्य अतिथि डॉ. ओमप्रकाश व्यास ने अपने वक्तव्य में ऊर्जा प्रणालियों में उभरती प्रौद्योगिकियों और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में ऊर्जा अवसंरचना की साइबर सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इंटरनेट के व्यापक उपयोग के साथ साइबर हमलों की संभावनाएँ बढ़ी हैं, इसलिए ऊर्जा प्रणालियों के डिजाइन स्तर पर ही सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने चाहिए। उन्होंने 800 से अधिक शोध-पत्रों की प्राप्ति को इस क्षेत्र में बढ़ती अनुसंधान गतिविधियों का प्रमाण बताते हुए आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
विशेष अतिथि डॉ. एम. के. बदापंडा ने देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सम्मेलन ज्ञान-साझाकरण और तकनीकी विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम का समापन डॉ. रम्या सेल्वराज द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।








