

केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क को सुदृढ़ करने और क्षेत्रवासियों के 16 वर्षों के लंबे इंतजार व बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल हुई है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार से स्वीकृति प्राप्त 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा–तखतपुर–मुंगेली–कवर्धा–खैरागढ़–डोंगरगढ़ नई रेल लाइन परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CRCL) के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस निर्णय का स्वागत करते हुए केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्री साहू ने कहा कि यह रेल परियोजना छत्तीसगढ़ के विकास, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार और जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। नई रेल लाइन के निर्माण से कटघोरा, तखतपुर, मुंगेली, कवर्धा, खैरागढ़ और डोंगरगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को आवागमन के बेहतर विकल्प मिलेंगे। साथ ही, व्यापार-वाणिज्य, औद्योगिक गतिविधियों, पर्यटन और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देशभर में रेल अवसंरचना के विस्तार और आधुनिक परिवहन सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दिया जाना केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
श्री तोखन साहू ने विश्वास व्यक्त किया कि इस परियोजना के आगे बढ़ने से क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जन-आकांक्षाओं को बल मिलेगा तथा छत्तीसगढ़ के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
यह रेल परियोजना क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ विकास, समृद्धि और जनसुविधाओं के विस्तार का नया मार्ग प्रशस्त करेगी। इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना के 16 वर्षों के लंबे इंतजार को समाप्त कराने और इसे धरातल पर उतारने के लिए श्री तोखन साहू ने भागीरथी प्रयास किए थे।









