

बीएफ-8 ने 20 मिलियन टन हॉट मेटल उत्पादन का मील का पत्थर छुआ, बीआरएम ने बनाया नया दैनिक उत्पादन रिकॉर्ड
प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 6:24PM by PIB Raipur
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के प्रमुख संयंत्र भिलाई स्टील प्लांट ने परिचालन दक्षता के क्षेत्र में एक साथ दो महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस-8 (महमाया) ने 20 मिलियन टन हॉट मेटल के संचयी उत्पादन का ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है, वहीं बार एंड रॉड मिल ने 12 मिमी टीएमटी बार श्रेणी में नया दैनिक उत्पादन रिकॉर्ड स्थापित किया है।

भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्रा, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार तथा संयंत्र के वरिष्ठ प्रबंधन ने ब्लास्ट फर्नेस और बार एंड रॉड मिल की पूरी टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

ब्लास्ट फर्नेस-8 (महमाया) ने 10 मार्च 2026 को 20 मिलियन टन हॉट मेटल उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त किया। इस फर्नेस का प्रचालन 2 फरवरी 2018 को प्रारंभ हुआ था और मात्र 2,959 दिनों में यह उपलब्धि हासिल कर ली गई। अपनी क्षमता श्रेणी में यह फर्नेस समकक्ष इकाइयों के बीच सबसे कम समय में 20 मिलियन टन उत्पादन तक पहुँचने वाला फर्नेस बन गया है। उल्लेखनीय है कि 19 मिलियन टन से 20 मिलियन टन तक की यात्रा केवल 123 दिनों में पूरी की गई, जो इसकी उत्कृष्ट परिचालन दक्षता और निरंतरता को दर्शाता है।

इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में ब्लास्ट फर्नेस-8 के सेंट्रल कंट्रोल रूम में केक काटकर उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) Manoj Kumar ने टीम के साथ इस सफलता का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि ब्लास्ट फर्नेस टीम की तकनीकी दक्षता, अनुशासित संचालन और उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम है। उन्होंने कर्मचारियों को सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों का पालन करते हुए आगे भी बेहतर उत्पादकता हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
इसी क्रम में बार एंड रॉड मिल ने भी एक नई उपलब्धि दर्ज की। मिल ने 8 मार्च 2026 को 12 मिमी टीएमटी बार श्रेणी में 3,405 टन (1,653 बिलेट) उत्पादन कर नया दैनिक रिकॉर्ड स्थापित किया। इससे पहले 4 अक्टूबर 2025 को 3,390 टन (1,646 बिलेट) उत्पादन का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था।
भिलाई इस्पात संयंत्र की बार एंड रॉड मिल में उत्पादित इस्पात का उपयोग देश की कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परियोजनाओं में किया जा रहा है, जिनमें सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना, अयोध्या स्थित राम मंदिर तथा सीमा सड़क संगठन द्वारा संचालित विभिन्न अवसंरचनात्मक परियोजनाएँ शामिल हैं।
मुख्य महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष (बार एंड रॉड मिल) योगेश शास्त्री ने इस उपलब्धि को टीमवर्क, बेहतर योजना और सतत सुधार की कार्य संस्कृति का परिणाम बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मिल भविष्य में भी इसी तरह नए मानक स्थापित करती रहेगी। साथ ही उन्होंने प्रबंधन, कर्मचारियों, श्रमिक संगठनों और सहयोगी विभागों के प्रति उनके निरंतर सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर महाप्रबंधक एस. एन. त्रिपाठी, आशीष, शाश्वत मोहंती, समीर पांडे तथा शिखर तिवारी सहित बार एंड रॉड मिल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मिल परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।








