

Posted On: 29 SEP 2025 1:36PM by PIB Raipur
महिलाओं में सिकल सेल रोग की गंभीर चुनौती से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर ने “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के तहत जागरूकता एवं स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया। इस पहल ने सिकल सेल रोग से प्रभावित गर्भवती महिलाओं के लिए समय पर निदान और सक्रिय देखभाल की आवश्यकता पर बल दिया।

कोटा कॉलोनी में आयोजित इस शिविर में लगभग 125 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें गर्भवती महिलाएं, माताएं और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल थे। कार्यक्रम का आयोजन एम्स रायपुर की सिकल सेल समिति और जैव रसायन विभाग द्वारा, एसोसिएशन ऑफ बायोकैमिस्ट्री क्लिनिकल वेलफेयर के सहयोग से किया गया।
इस अवसर पर सिकल सेल समिति की अध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) एली मोहापात्रा ने समिति सदस्यों डॉ. सुप्रवा पटेल, डॉ. तुषार जागज़पे, डॉ. नीलज बगड़े, डॉ. आशीष गुप्ता और डॉ. अमित मिश्रा के साथ मिलकर इस बात पर जोर दिया कि नियमित स्क्रीनिंग और समय पर उपचार से गर्भावस्था के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की प्रभावी सुरक्षा संभव है।
शिविर के दौरान 47 रक्त नमूने एकत्र किए गए जिनकी जांच सिकल सेल स्क्रीनिंग, हीमोग्लोबिन और ग्लूकोज़ परीक्षण के लिए की गई। प्रतिभागियों को रोग प्रबंधन, निवारक उपायों और जीवनशैली में आवश्यक बदलावों पर व्यक्तिगत परामर्श भी प्रदान किया गया।
इस पहल ने यह स्पष्ट किया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच और विवाह पूर्व स्क्रीनिंग सिकल सेल रोग के दीर्घकालिक प्रभाव को कम करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस सामुदायिक जागरूकता प्रयास के माध्यम से एम्स रायपुर ने एक बार फिर सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और आनुवंशिक एवं जीवनशैली संबंधी चुनौतियों से जूझ रहे परिवारों को समग्र देखभाल उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।








