

Raipur chhattisgarh VISHESH भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के मानव संसाधन-लर्निंग एवं डेवलपमेंट विभाग द्वारा सेल-एमटीआई, रांची के सहयोग से “बेसिक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट” विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बीएमडीसी, सेक्टर-7 में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को परियोजना प्रबंधन की मूलभूत प्रक्रियाओं की समझ प्रदान करने के साथ-साथ परियोजना नियोजन, क्रियान्वयन, संसाधन प्रबंधन एवं समीक्षा तंत्र से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना रहा, ताकि संयंत्र की परियोजनाओं का अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा सके।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं), बीएसपी, श्री प्रबीर कुमार सरकार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर परियोजना परिणाम प्राप्त करने के लिए सुव्यवस्थित परियोजना प्रबंधन प्रक्रियाएं अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और उपलब्ध संसाधनों के कुशल उपयोग पर विशेष बल दिया।

इस अवसर पर महाप्रबंधक प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष (एचआर-एलएंडडी), श्री एस. के. श्रीवास्तव ने संगठनात्मक प्रभावशीलता को सुदृढ़ करने में निरंतर क्षमता निर्माण के महत्व को रेखांकित किया। वहीं पूर्व कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं), आईएसपी एवं डीएसपी, श्री अमित रंजन दासगुप्ता ने बड़े पैमाने की परियोजनाओं के क्रियान्वयन से प्राप्त अपने व्यापक अनुभव साझा किए तथा अनुशासित परियोजना नियोजन एवं व्यवस्थित समीक्षा तंत्र के महत्व पर जोर दिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीएसपी के विभिन्न विभागों से कुल 31 प्रतिभागियों ने भाग लिया। तकनीकी सत्रों का संचालन पूर्व कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं), आईएसपी एवं डीएसपी, श्री अमित रंजन दासगुप्ता; महाप्रबंधक (परियोजनाएं), बीएसएल, श्री सुधीर कुमार; मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं), बीएसपी, श्री अनुराग उपाध्याय तथा सहायक प्रबंधक (सुरक्षा), प्रोपेन प्लांट, बीएसपी, श्री ए. नागेंद्र द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का सफल समन्वय महाप्रबंधक (एचआर-एलएंडडी), बीएमडीसी, श्री सौरभ वार्ष्णेय एवं प्रबंधक, सेल-एमटीआई, रांची, श्री नागेश्वर राव द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र का संचालन श्री नागेश्वर राव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन श्री सौरभ वार्ष्णेय द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्राप्त व्यावहारिक जानकारी एवं अनुभव से अधिकारियों को संयंत्र की परियोजनाओं के प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।





















