

‘मानव दुग्ध दान अभियान’ के लिए नर्सों को जागरूकता से कार्रवाई तक सशक्त बनाने पर हुआ प्रशिक्षण
नेतृत्व क्षमता के विकास के साथ नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर जोर
प्रविष्टि तिथि: 29 SEP 2026 6:05PM by PIB Raipur
भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएनएचआरसी) में ‘आन्या 3.0’ महिला नेतृत्व विकास कार्यक्रम के सफल समापन के बाद विभागीय स्तर पर पहला माइक्रो लर्निंग सत्र आयोजित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. उदय कुमार के मुख्य आतिथ्य और महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन-लर्निंग एंड डेवलपमेंट) संजीव श्रीवास्तव की विशिष्ट उपस्थिति में आयोजित इस सत्र का उद्देश्य नेतृत्व विकास से प्राप्त सीख को कार्यस्थल की जिम्मेदारियों और मरीजों की देखभाल से जोड़ना रहा।


सेल के प्रमुख महिला नेतृत्व विकास कार्यक्रम ‘आन्या’ का उद्देश्य चयनित महिला अधिकारियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ विविधता एवं समावेशन को बढ़ावा देने वाला सक्षम कार्य वातावरण तैयार करना है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए जेएलएनएचआरसी में माइक्रो लर्निंग सत्र के माध्यम से नेतृत्व विकास की अवधारणाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के दैनिक कार्यों में प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया गया।

सत्र की संकल्पना और संचालन ‘आन्या 3.0’ की मुख्य सलाहकार तथा जेएलएनएचआरसी के शिशु रोग एवं नवजात विज्ञान विभाग की मुख्य सलाहकार डॉ. माला चौधरी ने किया। ‘आन्या’ की संकाय सदस्य के रूप में उन्होंने नेतृत्व की सीख को व्यवहार में उतारने और उसे कार्यस्थल तक पहुंचाने की दिशा में इस पहल को आगे बढ़ाया।
इस अवसर पर संजीव श्रीवास्तव ने नेतृत्व विकास को निरंतर बनाए रखने की दिशा में भिलाई इस्पात संयंत्र की पहल की सराहना की। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि माइक्रो लर्निंग जैसे प्रयासों से प्रशिक्षण से प्राप्त सीख का प्रभाव संगठन के विभिन्न स्तरों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे संगठनात्मक उत्कृष्टता के साथ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी योगदान मिलेगा।
‘मानव दुग्ध दान के लिए नर्स प्रतिभागियों को सशक्त बनाना—जागरूकता से कार्रवाई तक’ विषय पर आयोजित सत्र में जेएलएनएचआरसी की 20 कार्यपालक एवं गैर-कार्यपालक नर्सों ने भाग लिया। सत्र में मानव दुग्ध दाताओं की पहचान, उन्हें प्रोत्साहित करने और निरंतर इस पहल से जोड़कर रखने के लिए आवश्यक जानकारी, परामर्श कौशल तथा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की गई। नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य एवं जीवन रक्षा में नर्सों की भूमिका को प्रभावी बनाने के साथ उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में ‘आन्या 1.0’ बैच की उप महाप्रबंधक (परियोजनाएं) शबनम तथा उप महाप्रबंधक (कॉन्ट्रैक्ट सेल, वर्क्स एवं बजटिंग विभाग) ललिता विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं। दोनों ने अपने नेतृत्व विकास के अनुभव साझा किए और नर्स प्रतिभागियों को अपनी कार्यभूमिका में नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा अपने दायित्वों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।
सत्र का समन्वय उप प्रबंधक (मानव संसाधन-लर्निंग एंड डेवलपमेंट) सुष्मिता पाटला ने किया। उप प्रबंधक (नर्सिंग प्रशासन) शायला अब्राहम और सहायक प्रबंधक (आपातकालीन सेवाएं) लता मिश्रा ने कार्यक्रम का संचालन किया। यह पहल नेतृत्व विकास को प्रशिक्षण कक्ष से कार्यस्थल तक ले जाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में उसके व्यावहारिक प्रभाव को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रही।





















