

सुरक्षा को उत्पादन पर प्राथमिकता; कर्मचारियों को असुरक्षित संचालन रोकने के लिए किया सशक्त
प्रविष्टि तिथि: 29 SEP 2026 5:48PM by PIB Raipur
भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (SAIL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, डॉ. अशोक कुमार पांडा ने भिलाई के सिविक सेंटर स्थित महात्मा गांधी कला मंदिर में आयोजित वृहद समूह संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यस्थल सुरक्षा को संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने सभी स्तरों पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सक्रिय सहभागिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों, नियमित कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों, पर्यवेक्षकों तथा नामित ‘सेफ्टी वॉरियर्स’ के साथ संवाद किया।


डॉ. पांडा ने ‘मेरा क्षेत्र, मेरी जिम्मेदारी’ तथा ‘लाइन ऑफ फायर’ की अवधारणा के कड़ाई से पालन का निर्देश देते हुए कहा कि अंतिम लक्ष्य शून्य जनहानि सुनिश्चित करना और प्रत्येक पाली के अंत में हर कर्मचारी की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करना है। उन्होंने असुरक्षित कार्यप्रणालियों के प्रति शून्य सहनशीलता अपनाने तथा परमिट टू वर्क और शटडाउन प्रोटोकॉल सहित सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का बिना किसी समझौते के पालन करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी, श्री चित्त रंजन महापात्र सहित सामग्री प्रबंधन, वित्त एवं लेखा, मानव संसाधन, परियोजनाएं, वर्क्स तथा माइंस विभागों के कार्यकारी निदेशक उपस्थित रहे। वरिष्ठ संयंत्र अधिकारियों द्वारा कार्यस्थल सुरक्षा मानकों, दुर्घटना निवारण तथा संगठन की सुरक्षा संबंधी पहलों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं।

श्री महापात्र ने कार्यबल के प्रत्येक वर्ग में सामूहिक स्वामित्व की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सुरक्षित कार्यप्रणालियों को निरंतर व्यवहार का हिस्सा बनाया जा सके। खुले संवाद सत्र के दौरान डॉ. पांडा ने कर्मचारियों से सीधे संवाद करते हुए उनके सुझावों, जमीनी स्तर की परिचालन चुनौतियों तथा संयंत्र की सुरक्षा प्रणालियों को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्राप्त व्यावहारिक फीडबैक की समीक्षा की। कार्यक्रम का संचालन सुश्री निशा बाउल, वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) ने किया तथा मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री प्रशांत ओझा ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया।

संवाद सत्र से पूर्व, सेल अध्यक्ष ने भिलाई इस्पात संयंत्र की महत्वपूर्ण उत्पादन इकाइयों तथा चल रही पूंजीगत परियोजनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया और परिचालन प्रदर्शन एवं विस्तार कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
कोक ओवन बैटरी-8 में डॉ. पांडा ने विभागीय अभियंताओं के साथ परिचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा की तथा संयंत्र की दक्षता को कठोर सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाए रखने पर जोर दिया। प्लेट मिल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने ‘लाइन ऑफ फायर’ सिद्धांत के अनुरूप चलती मशीनरी से उत्पन्न खतरों के प्रति कार्यबल को निरंतर सजग रहने का निर्देश दिया।
स्टील मेल्टिंग शॉप-3 (SMS-3) में डॉ. पांडा ने स्पष्ट रूप से कहा कि सुरक्षा को हमेशा उत्पादन लक्ष्यों पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सभी कर्मचारियों को किसी भी असुरक्षित कार्य या स्थिति का पता चलने पर तत्काल परिचालन रोकने के लिए अधिकृत किया तथा सक्रिय रूप से सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले हस्तक्षेपों को उपयुक्त रूप से पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की।
अपने दौरे के समापन पर उन्होंने परियोजना विभाग की व्यापक समीक्षा की और निर्देश दिया कि सभी चल रही योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। साथ ही, संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग, सभी हितधारकों के बीच प्रभावी समन्वय तथा संयंत्र की दीर्घकालिक परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप रणनीतिक संरेखण सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
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