



राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत स्वच्छता, सतत विकास, जल संरक्षण, रचनात्मकता एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया गया।
इस पहल के अंतर्गत संस्थान के गो ग्रीन – द इको सोशल कमेटी द्वारा स्वच्छता से समृद्धि मिशन के तहत 27 सितम्बर 2026 को “कबाड़ से जुगाड़ 2026” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कबाड़, स्क्रैप, ई-कचरा, प्लास्टिक, कागज एवं गत्ते जैसी अनुपयोगी सामग्रियों को उपयोगी, कलात्मक एवं नवाचारी वस्तुओं में परिवर्तित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। प्रतिभागियों की प्रविष्टियों का मूल्यांकन गो ग्रीन क्लब के प्रभारी प्रोफेसर डॉ. डी. सी. झारिया एवं डॉ. जी. पी. गुप्ता द्वारा किया गया। शीर्ष तीन प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए तथा सभी प्रतिभागियों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र दिए गए।

इसी क्रम में संस्थान के रागा क्लब द्वारा स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम का आयोजन रायपुर के कोटेश्वर नगर में 27 सितम्बर 2026 को किया गया। कार्यक्रम का विषय “स्वच्छता में सहभाग — स्वच्छ भारत, विकसित भारत” था। इस कार्यक्रम का समन्वय डॉ. मृदु साहू (फैकल्टी इंचार्ज, रागा) एवं डॉ. तीरथ प्रकाश साहू (नोडल अधिकारी, स्वच्छता ही सेवा 2026) द्वारा किया गया। रागा – द म्यूजिकल क्लब के माध्यम से संगीत प्रस्तुतियों द्वारा स्वच्छता, कचरा पृथक्करण, कचरे के उचित निपटान एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों को जागरूक किया गया। देशभक्ति एवं स्वच्छता पर आधारित गीतों के माध्यम से सामूहिक जिम्मेदारी और स्वच्छ एवं हरित समाज का संदेश दिया गया।
इसके अतिरिक्त, एनआईटी रायपुर की राजभाषा समिति द्वारा “स्वच्छता एवं जल संचय संवाद” प्रतियोगिता का 28 सितम्बर 2026 को आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन डॉ. संजय कुमार, फैकल्टी इंचार्ज, राजभाषा समिति, डॉ. शारदा नंदन राव एवं डॉ. विकास कुमार विद्यार्थी द्वारा किया गया। प्रतियोगिता का विषय “स्वच्छता में युवाओं की भागीदारी: स्वच्छ भारत से विकसित भारत की ओर” था। इसमें विद्यार्थियों ने स्वच्छता, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, युवाओं की भागीदारी तथा राष्ट्र निर्माण में सामूहिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
इन सभी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं समुदाय के सदस्यों को स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, पुनः उपयोग, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं सक्रिय जनभागीदारी के प्रति जागरूक किया गया। इन पहलों ने स्वच्छ भारत एवं विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में व्यक्तिगत एवं सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया।





















