

चित्र प्रदर्शनी एवं विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली का संदेश; प्रदर्शनी 10 सितंबर को भी आमजन के लिए खुली रहेगी
प्रविष्टि तिथि: 09 SEP 2026 6:25PM
बस्तर, 9 सितंबर 2026। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो, रायपुर द्वारा सद्भावना भवन, बस्तर में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान’ एवं ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय चित्र प्रदर्शनी एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद पंचायत बस्तर के अध्यक्ष श्री संतोष बघेल ने किया। कार्यक्रम में नशामुक्ति, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली, स्वच्छता तथा युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका से जुड़े विषयों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित संदेशों को प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाया गया।

उद्घाटन अवसर पर जनपद पंचायत बस्तर के अध्यक्ष श्री संतोष बघेल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवा अपनी क्षमता, समय और ऊर्जा को सही दिशा में लगाकर समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करने के साथ उसके भविष्य की संभावनाओं को भी सीमित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, कौशल विकास, खेल और रचनात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित युवाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाते हुए स्वयं नशे का सेवन नहीं करने तथा दूसरों को भी इससे बचाने का संकल्प कराया।
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विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती देवांगन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने साथियों के बीच सकारात्मक सोच और स्वस्थ आदतों को बढ़ावा दें तथा किसी भी प्रकार के नशे के लिए प्रेरित करने वाले दबाव का दृढ़ता से सामना करें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों में भागीदारी विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करती है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से भी युवाओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता बताई।

शासकीय गंगादई महाविद्यालय, बस्तर के प्राचार्य श्री भावेश नेताम ने कहा कि महाविद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने के साथ उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक विकल्प उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को खेल, अध्ययन, नवाचार, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों से जोड़कर उन्हें रचनात्मक दिशा दी जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और अपने आसपास के लोगों में भी सकारात्मक व्यवहार को प्रोत्साहित करने की अपील की।
कार्यक्रम में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य श्री चंद्रभान मिश्रा तथा पीएम श्री स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के प्राचार्य श्री कुलेश्वर यादव सहित अन्य अतिथि, शिक्षक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी श्रीमती सावित्री बघेल ने ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पोषण स्वस्थ जीवन की बुनियाद है और इसका संबंध व्यक्ति के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक क्षमता और कार्यक्षमता से भी है। उन्होंने कहा कि बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने परिवारों से भोजन में विविधता अपनाने और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पोषण संबंधी जागरूकता केवल एक माह तक सीमित न रहकर परिवार और समुदाय की नियमित आदतों का हिस्सा बननी चाहिए। आंगनबाड़ी केंद्र इस दिशा में पोषण शिक्षा और आवश्यक सेवाओं को समुदाय तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
श्रीमती सावित्री बघेल ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से हितग्राहियों को उपलब्ध कराए जाने वाले रेडी-टू-ईट पोषण आहार की जानकारी देते हुए बताया कि पूरक पोषण आहार बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग करता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के भोजन और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों से उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।
डॉ. रीता शुक्ला ने नशे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक नशे का सेवन स्वास्थ्य के साथ पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने नशे की समस्या की समय रहते पहचान, परिवार के सहयोग तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ परामर्श और उपचार लेने के महत्व पर प्रकाश डाला।
चित्र प्रदर्शनी में नशे के दुष्परिणाम, नशामुक्त जीवन, पोषण, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित चित्र एवं जागरूकता सामग्री प्रदर्शित की गई। विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और आमजन ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न विषयों से संबंधित जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में प्रस्तुत चित्रों और संदेशों के माध्यम से नशामुक्ति के साथ संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान’ एवं ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ की थीम पर प्रश्नोत्तरी, चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशामुक्ति, पोषण, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए चेयर रेस प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत महिलाओं एवं आमजन में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम स्थल पर पौष्टिक रेडी-टू-ईट खाद्य उत्पादों का विशेष स्टॉल लगाया गया। स्टॉल के माध्यम से विभिन्न पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों, संतुलित आहार तथा बच्चों एवं महिलाओं के लिए आवश्यक पोषण संबंधी जानकारी दी गई।
आमजन के लिए 10 सितंबर को भी खुली रहेगी चित्र प्रदर्शनी
केंद्रीय संचार ब्यूरो, रायपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय चित्र प्रदर्शनी 10 सितंबर को भी सद्भावना भवन, बस्तर में आमजन के लिए खुली रहेगी। नागरिक, विद्यार्थी, युवा, महिलाएं एवं विभिन्न वर्गों के लोग प्रदर्शनी का अवलोकन कर नशामुक्ति, पोषण, स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित जागरूकता सामग्री एवं संदेशों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। आमजन से अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनी में पहुंचकर इन जन-जागरूकता गतिविधियों में सहभागिता करने की अपील की गई है।
केंद्रीय संचार ब्यूरो, रायपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से चित्र प्रदर्शनी, प्रतियोगिताओं और संवाद के जरिए नशामुक्ति एवं पोषण से जुड़े संदेशों को व्यापक स्तर पर पहुंचाया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ परिवार और समुदाय में पोषण, स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति व्यवहारगत जागरूकता को बढ़ावा देना है।





















