


Raipur chhattisgarh VISHESH / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा कंटीन्यूइंग एजुकेशन सेल (CEC) के सहयोग से 7 सितंबर 2026 से 11 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन माध्यम में “LaTeX for Research Excellence: A Comprehensive Hands-on Workshop on Academic, Scientific, and Professional Document Preparation” विषय पर पांच दिवसीय शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम (STTP) का शुभारंभ किया गया। 7 सितंबर 2026 को आयोजित उद्घाटन समारोह में एम् एन एन आई टी इलाहाबाद के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर, प्रो. अनिल कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि एन आई टी रायपुर के प्रभारी निदेशक डॉ. समीर बाजपेयी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सी ई सी के अध्यक्ष प्रो. शुभोजीत घोष, आईटी विभागाध्यक्ष प्रो. सुधाकर पांडे और आईटी विभाग के प्रो. सुवेंदु रूप भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संयोजन डॉ. दीपिका अग्रवाल, डॉ आर प्रणीता श्री और डॉ. रूपेश कुमार देवांग द्वारा किया जा रहा है।
समारोह के दौरान डॉ. दीपिका अग्रवाल ने पांच दिवसीय कार्यक्रम का शेड्यूल प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसमें शोध पत्र, थीसिस, तकनीकी रिपोर्ट, प्रेजेंटेशन, गणितीय टाइपसेटिंग और संदर्भ प्रबंधन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। डॉ. सुवेंदु रूप ने अपने उद्घाटन भाषण में तकनीकी लेखन में LaTeX के महत्व को रेखांकित किया, वहीं प्रो. सुधाकर पांडे ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक सत्रों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। देशभर से जुड़े 175 प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रो. शुभोजीत घोष ने कहा कि LaTeX के माध्यम से समय की बचत होती है और शोध पत्र को समीक्षकों के सामने अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है।

डॉ. समीर बाजपेयी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शोध करने के साथ-साथ उसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रभावी ढंग से संप्रेषित करना भी उतना ही आवश्यक है, जो LaTeX के व्यावहारिक उपयोग से संभव होता है। मुख्य अतिथि प्रो. अनिल कुमार सिंह ने LaTeX के इतिहास और व्यापक उपयोग पर प्रकाश डालते हुए बताया कि समीकरणों, संदर्भों और उद्धरणों का व्यवस्थित प्रबंधन ही शोध कार्य में स्पष्टता लाता है।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. रूपेश कुमार देवांग ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।





















