

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक मस्जिद को अवैध घोषित किए जाने के बाद ढहाए जाने पर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया दी है. आपको बता दे कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर ख़ान ने मस्जिद गिराए जाने की निंदा की है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से ऐक्स पर शेयर किया

ऐतिहासिक इस्लामी मस्जिद के ख़िलाफ़ की गई यह निंदनीय कार्रवाई, इस्लामी विरासत को मिटाने के लिए चलाए जा रहे बड़े अभियान का एक और उदाहरण है, जो इस्लामोफोबिक और हिंदुत्व की सोच से प्रेरित है. 1992 में ऐतिहासिक बाबरी मस्जिद का ढहाया जाना आज भी धार्मिक असहिष्णुता, भेदभाव और नफ़रत की इस सोच का एक स्थायी प्रतीक बना हुआ है. बयान में कहा गया कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वो भारत में ‘मुसलमानों के साथ उत्पीड़न और मस्जिदों को नुक़सान पहुंचाने या तोड़े जाने की घटनाओं’ पर तुरंत ध्यान दे.
पाकिस्तान ने कहा, सभी अल्पसंख्यकों, ख़ासकर मुसलमानों की धार्मिक आज़ादी और सांस्कृतिक विरासत के ख़िलाफ़ ऐसी कार्रवाइयों के लिए भारतीय अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. दरअसल, सहारनपुर में कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर के भीतर मौजूद एक मस्जिद को अवैध घोषित किए जाने के बाद शनिवार सुबह गिरा दिया गया. यह प्रशासनिक कार्रवाई चार सितंबर को ज़िला जज की अदालत के उस फ़ैसले के बाद हुई, जिसमें मस्जिद प्रबंधन समिति की अपील ख़ारिज कर दी गई और पहले के फ़ैसले को बरक़रार रखा गया.
गौरतलब है कि धार्मिक ढांचे को सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण माना गया था. सिटी मजिस्ट्रेट ने जुलाई में मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए इसे गिराने का आदेश जारी किया था.





















