


एनआईटीआरआरएफआईई ने कोवर्किंग सुविधा का शुभारंभ किया, एनआईटी रायपुर में MeitY IndiaAI छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AICoE) की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
Raipur chhattisgarh VISHESH / एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE), जो एनआईटी रायपुर का टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर है, ने अपनी अत्याधुनिक कोवर्किंग सुविधा का शुभारंभ किया है। यह सुविधा स्टार्टअप्स, नवाचारकर्ताओं, उद्यमियों और शोधकर्ताओं को आधुनिक कार्यस्थल, मेंटरशिप, नेटवर्किंग अवसरों तथा व्यवसाय विकास सहायता सहित एक सहयोगात्मक नवाचार वातावरण प्रदान करेगी।

यह कोवर्किंग सुविधा अब पूरी तरह संचालित है और इसका उपयोग NITRRFIE के इन्क्यूबेटेड स्टार्टअप्स द्वारा किया जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ के नवाचार एवं उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को नई गति मिलेगी।
अपने नवाचार मिशन को आगे बढ़ाते हुए, NITRRFIE, एनआईटी रायपुर में MeitY IndiaAI छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AICoE) की स्थापना कर रहा है। यह सेंटर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देगा। साथ ही स्वास्थ्य, खनन, इस्पात, विनिर्माण, कृषि, सुशासन, शिक्षा एवं स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों के लिए AI आधारित समाधान विकसित करेगा। यह पहल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की IndiaAI Mission के अनुरूप है।
कोवर्किंग सुविधा के शुभारंभ पर डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, सहायक प्राध्यापक, एनआईटी रायपुर एवं फैकल्टी इंचार्ज, NITRRFIE ने कहा,
“NITRRFIE की कोवर्किंग सुविधा स्टार्टअप्स को सहयोगात्मक वातावरण, आधुनिक अवसंरचना और विशेषज्ञ मेंटरशिप प्रदान करेगी, जिससे नवाचार और उद्यमिता को नई गति मिलेगी।”
MeitY IndiaAI छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AICoE) के बारे में उन्होंने कहा,
“आगामी AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप विकास को नई दिशा देगा तथा उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करते हुए क्षेत्र में AI आधारित विकास को गति प्रदान करेगा।”
NITRRFIE में स्टार्टअप इन्क्यूबेशन के लिए आवेदन पूरे वर्ष खुले रहते हैं। विभिन्न प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के नवाचारी स्टार्टअप्स किसी भी समय आवेदन कर सकते हैं और इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, कोवर्किंग सुविधा, उद्योग सहयोग, फंडिंग सहायता तथा एनआईटी रायपुर के समृद्ध नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इन पहलों का नेतृत्व डॉ. एन. वी. रमना राव, निदेशक, एनआईटी रायपुर एवं बोर्ड निदेशक, NITRRFIE द्वारा किया जा रहा है तथा डॉ. समीर बाजपेयी, प्रमुख, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ कंप्यूटिंग (CDC), एनआईटी रायपुर एवं बोर्ड निदेशक, NITRRFIE का मार्गदर्शन प्राप्त है। इन पहलों का समन्वय NITRRFIE की टीम—श्री पवन कटारिया, सहायक कुलसचिव, एनआईटी रायपुर एवं ऑफिसर-इन-चार्ज, NITRRFIE; सुश्री मेधा सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी; तथा श्री सुनील देवांगन, इन्क्यूबेशन मैनेजर—द्वारा किया जा रहा है।





















