

Raipur chhattisgarh VISHESH : बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन 19 साल बाद कोलकाता लौटी हैं l इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी वापसी इस बात का सबूत है कि “अन्याय लंबा चल सकता है, लेकिन हमेशा के लिए नहीं रह सकता.”
कोलकाता में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भावुक दिखीं 63 वर्षीय तसलीमा नसरीन ने कहा कि शहर में लौटना उनके लिए ऐसा है जैसे वह अपनी ज़िंदगी के उस हिस्से में वापस आ गई हों, जिसे सालों पहले पीछे छोड़ना पड़ा था.

तसलीमा नसरीन ने यह भी साफ किया कि उनकी लड़ाई कभी किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विरोध में नहीं रही. उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष हमेशा महिलाओं के अधिकारों और अभिव्यक्ति की आज़ादी के लिए रहा है. इस दौरान तसलीमा नसरीन ने मदरसों पर भी बयान दिया. वहीं उन्होंने कहा “मदरसों को ख़त्म कर देना चाहिए क्योंकि वे ‘जिहादी फ़ैक्ट्रियां’ हैं, उन्हें सेक्युलर स्कूलों में बदल देना चाहिए.”
गौरतलब है कि तसलीमा नसरीन को साल 2007 में कोलकाता छोड़ना पड़ा था और उसके बाद से वह शहर से दूर थीं.





















