
एनएमडीसी का फरवरी माह में रिकार्ड आउट्युट, उत्पादन में 16% की वृद्धि

Raipur chhattisgarh VISHESH :हैदराबाद, 2 मार्च, 2026 देश के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक एनएमडीसी ने फरवरी 2026 में, माह और अप्रैल-फरवरी अवधि दोनों में, पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में उत्पादन निष्पादन में उत्कृष्ट वृद्धि दर्ज की है।

फरवरी 2026 को समाप्त माह में, एनएमडीसी ने फरवरी माह का अबतक का सर्वोत्तम मासिक प्रदर्शन दर्ज किया है, जिसमें उत्पादन बढ़कर 5.35 मिलियन टन दर्ज हुआ, जो कि फरवरी 2025 में 4.62 मिलियन टन पर 16% की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्शाता है। बिक्री में माह-दर-माह 15.6% की वृद्धि दर्ज हुई, जो 3.98 मिलियन टन से बढ़कर 4.60 मिलियन टन हो गई। उत्पादन लक्ष्य से अधिक हुआ, जो कि खनन क्षमताओं के प्रभावी उपयोग और कंपनी की परिसंपत्तियों के परिचालन-लय में सुधार को दर्शाता है।
वित्तवर्ष 26 में एनएमडीसी ने मजबूत प्रदर्शन को बनाए रखा, जिसमें अप्रैल-फ़रवरी आउट्पुट में रिकार्ड स्थापित करते हुए उत्पादन बढ़कर 47.79 मिलियन टन हुआ, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि में 40.49 मिलियन टन पर 18% की वृद्धि है, जबकि बिक्री 44.34 मिलियन टन हुई, जो कि वित्तवर्ष 25 की इसी अवधि में 40.20 मिलियन टन से 10% अधिक है।

इस प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए श्री अमिताभ मुखर्जी, सीएमडी, एनएमडीसी ने कहा, यह प्रदर्शन हमारे सभी खनन परिसरों की हमारे टीमों के अनुशासन, समर्पण और समन्वय को दर्शाता है। हमारे द्वारा उत्पादित प्रत्येक टन भारत की इस्पात मूल्य-श्रृंखला को मजबूत बनाता है और राष्ट्र के आधारभूत संरचना की वृद्धि में योगदान करता है । वित्तवर्ष 27 की ओर अग्रसर होते हुए हमारा फोकस सुस्पष्ट है: उत्तरदायित्व के साथ क्षमता में वृद्धि, परिचालन दक्षता में सुधार और देश के लिए कच्चे माल की विश्ववसनीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह श्रेय निश्चित रूप से हमारे कर्मचारियों को जाता है जिनकी प्रतिबद्धता प्रतिदिन एनएमडीसी की प्रगति की चालक शक्ति है।”
इसके अतिरिक्त, एनएमडीसी की सभी तीन उत्पादन इकाइयों ने सामूहिक रूप से रिकार्ड आउट्पुट दर्ज किया है । इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत एक नवरत्न सीपीएसई होने के नाते, एनएमडीसी अपने सभी खनन परिचालनों में उत्पादन वृद्धि, दक्षता और लागत प्रतिस्पर्धात्मकता से भारत की बढ़ती इस्पात की मांग में सहयोग करने पर फोकस कर रहा है।





















