Author: Manpreet Singh

Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुर। ​केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस के रुख की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए कहा है कि जिस ‘वन्दे मातरम्’ के उद्घोष ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में लाखों क्रांतिकारियों को मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने का साहस दिया, उस राष्ट्रगीत के प्रति कांग्रेस का रवैया उसकी संकुचित मानसिकता और वोट बैंक की राजनीति को दर्शाता है। केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री साहू ने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता, संस्कृति और करोड़ों भारतीयों की राष्ट्रीय चेतना का…

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20 अगस्त 2026, रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी (जिला न्यायाधीश) श्री कमलेश कुमार जुर्री तथा सदस्य श्री हामिद हुसैन खान एवं श्री वी. के. राजपूत की पीठ ने सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए वक्फ संपत्ति दुकान पर काबिज कब्जाधारी को 45 दिनों के भीतर संपत्ति खाली कर संबंधित वक्फ संस्था को कब्जा सौंपने के सम्बंध मे आदेश दिनांक 28.07.2026 पारित किया गया है। राजधानी रायपुर स्थित अंजुमन ए सैफी दाऊदी बोहरा जमात रायपुर की पंजीकृत वक्फ सम्पत्ति जो शहर के हृदय स्थल सदर बाजार रायपुर में दुकान स्थित है उक्त मकान नंबर 923, 924…

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कैट.सी.जी.चैप्टर. प्रे.वि.क्र./12/08/2026-27 दिनांकः- 21.08.2026 कैट के कार्यकारी अध्यक्ष राम मंधान के नेतृत्व में व्यापारी हुए शामिल Raipur chhattisgarh VISHESH / देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के नेशनल वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य श्री अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन श्री जितेन्द्र दोशी, श्री विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष श्री परमानंद जैन, वाइस चेयरमेन श्री सुरिन्दर सिंह, श्री जीवत बजाज, प्रदेश महामंत्री श्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेन्द्र जग्गी, श्री वासु माखीजा, श्री राम मंधान, श्री भरत जैन, श्री राकेश ओचवानी एवं श्री शंकर बजाज…

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सरकार ने प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए 34 मत्स्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्लस्टरों के माध्यम से क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण अपनायाछत्तीसगढ़ मूल्यवर्धित तिलापिया उत्पादों का निर्यात शुरू करने वाला पहला अंतर्देशीय राज्य बना, जिससे समुद्री खाद्य निर्यात में विविधीकरण के नए अवसर खुले प्रविष्टि तिथि: 20 AUG 2026 4:08PM by PIB Delhi केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने 20 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ के रायपुर में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत अधिसूचित तिलापिया क्लस्टर की प्रगति की समीक्षा के लिए एक संवादात्मक बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान सचिव महोदय ने…

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पीएसबी, पीएसआईसी, नियामकों और पीएफआई के 100 से अधिक वरिष्ठ एचआर अधिकारियों और मुख्य संपर्क अधिकारियों दो दिवसीय कार्यशाला में हिस्सा लेंगे भारत सरकार में वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) की ओर से 20-21 अगस्त 2026 को बेंगलुरु स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ कॉलेज में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी), सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों (पीएसआईसी), क्षेत्र संबंधी नियामकों और सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों (पीएफआई) में भारत सरकार की आरक्षण नीति के कार्यान्वयन पर एक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के दूसरे दिन दिव्यांगजनों के लिए वित्तीय सेवाओं की सरलता बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा…

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Article Manoj kumar tiwari (Director IIM Mumbai) Raipur chhattisgarh VISHESH / वैश्विक व्यापार में जैसे जैसे भारत अपनी साख कायम करता जा रहा है, अच्छे पोर्ट, मज़बूत सप्लाई चेन और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स वह आधार हैं जो यह तय करेंगे कि हमारी अर्थव्यवस्था कितनी आगे तक जायेगी और कितनी तेज़ी से बढ़ेगी। भारत का समुद्र से रिश्ता लगभग 4,500 साल पुराना है। समुद्री इतिहासकारों के अनुसार, सिंधु घाटी सभ्यता ने लगभग 2300 ईसा पूर्व लोथल में दुनिया का सबसे पुराना टाइडल डॉकयार्ड बनाया गया था, जहाँ से मेसोपोटामिया तक मोती और कपड़े भेजे जाते थे, जबकि चोल नेवी ने बाद में बंगाल की खाड़ी की कमान संभाली, और भारतीय व्यापार और संस्कृति को पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया तक पहुँचाया। नाविक कौशल की वह ऐतिहासिक विरासत आज एक आधुनिक इकॉनामिक इंजन का रूप ले चुकी है—जो इस समय बड़े पैमाने पर हो रही भर्तियों और तकनीकी क्रांति के दोराहे पर खड़ा है। आंकड़े जो मायने रखते हैं इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन (IBEF) के डेटा के अनुसार, भारत का लगभग 95% व्यापार मात्रा (वॉल्यूम) के हिसाब से और लगभग 70% वैल्यू के हिसाब से अभी भी समुद्र के रास्ते होता है। वित्त वर्ष 2024–25 में बड़े बंदरगाहों पर 854.86 मिलियन टन कार्गो का व्यवहार हुआ और बंदरगाह की कुल क्षमता लगभग दोगुनी होकर 2,762 मिलियन टन सालाना हो गई है, जबकि एवरेज वेसल टर्नअराउंड टाइम 93 घंटे से घटकर सिर्फ़ 48 घंटे रह गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के जारी डेटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025–26 में भारत से मर्चेंडाइज़ और सर्विसेज़ का कुल निर्यात लगभग $860.09 बिलियन तक पहुँच गया। कुल निर्यात में इंजीनियरिंग के सामानों का हिस्सा 27% है, और बाकी का हिस्सा पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, जेम्स और ज्वेलरी, दवाइयाँ, टेक्सटाइल, चावल और मरीन प्रोडक्ट्स का है। आयात का बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल, कोयला, सोना, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स का है। इन्हीं वजहों से शिपिंग इंडस्ट्री को हमेशा भारतीय अर्थव्यवस्था की ‘रीढ़ की हड्डी’ कहा जाता है। युवा भारत के लिए एक जॉब मशीन आज इस कहानी को जो बात वास्तव में आकर्षक बनाती है, वह है इसमें मौजूद अवसरों का विशाल पैमाना। बिमको-आईसीएस सीफेयरर वर्कफोर्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत पारंपरिक रूप से हावी रहने वाले समुद्री देशों को पीछे छोड़ते हुए फिलीपींस के बाद वैश्विक स्तर पर नाविकों का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बनकर उभरा है। इस समय दुनिया के कुल नाविकों में भारत की हिस्सेदारी 12.16% है, जिनकी संख्या 3.11 लाख से अधिक है; जबकि 2015 में यह आंकड़ा महज 5.2% था। वर्ष 2025-26 में भारत में 3.08 लाख नाविक काम कर रहे थे, और 2014 से महिला सीफ़ेयरर्स (नाविकों) की संख्या दस गुना बढ़ गई है। यह इस बात का संकेत है कि यह क्षेत्र कितनी तेज़ी से खुल रहा है। सरकार का लक्ष्य इससे भी आगे है: केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने मैरीटाइम अमृत काल विज़न के तहत 2047 तक ₹80 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने और लगभग 4 करोड़ समुद्री नौकरियाँ सृजित करने की योजनाओं की घोषणा की है। बड़ी समुद्री अर्थव्यवस्था जहाज़ बनाने, जहाज़ की मरम्मत, गोदाम, माल ढुलाई, बीमा, हरित ईंधन और अंदरूनी जलमार्गों में भी रोज़गार देती है — जिससे युवा भारतीयों को आम आईटी और फ़ाइनेंस के रास्तों से कहीं आगे भरोसेमंद, अधिक आमदनी वाले, दुनिया भर में आगे बढ़ने वाले करियर के रास्ते मिलते हैं। ऑटोमेशन: एक गतिवर्धक है, कोई खतरा नहीं जो सेक्टर ये नौकरियां दे रहा है, उसे ऑटोमेशन भी बदल रहा है और ये दोनों ट्रेंड एक-दूसरे के खिलाफ होने के बजाय साथ-साथ काम कर रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पहले से ही 10.4 मिलियन टीईयू की कुल क्षमता वाले पांच ऑटोमेटेड कंटेनर टर्मिनल चलाता है, जो इसे दुनिया के टॉप 40 कंटेनर पोर्ट में से एक बनाता है और साथ ही मुंद्रा पोर्ट भी, जो 7.4 मिलियन टीईयू हैंडल करता है और दुनिया के सबसे व्यस्त पोर्ट में से एक है। भारत के डिजिटल पुश के सेंटर में ई-समुद्र है, जो एक यूनिफाइड सिंगल-विंडो पोर्टल है जो शिपिंग कंपनियों, नाविकों और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को अलग-अलग पेपरवर्क के बजाय सर्टिफिकेट, लाइसेंस और पेमेंट ऑनलाइन हैंडल करने देता है। एक अलग मैरीटाइम सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म, जो जनवरी 2024 से ऑपरेशनल है, अब देश भर के 85 बंदरगाहों को कवर करता है और इसने 2025 के मध्य तक वेसल कम्प्लायंस रेट को 75% तक पहुंचा दिया है, जिससे जहाजों के आने और जाने के लिए दस्तावेजों का बोझ कम हो गया है। अगला मोर्चा AI-संचालित योजना है: जहाज़ के आने का डेटा, मौसम, बर्थ की उपलब्धता और यार्ड स्पेस को मिलाया जा सकता है ताकि एक सिस्टम यह सुझाव दे सके कि जहाज़ को कहाँ डॉक करना चाहिए और उसे कैसे उतारना चाहिए, और हालात बदलने पर प्लान को अपडेट करता रहे। डिजिटल ट्विन्स के साथ, पोर्ट अथॉरिटीज़ पोर्ट के लाइव ट्विन पर जहाजों के देर से आने और क्रेन के खराब होने जैसी संभावित रुकावटों के लिए सिमुलेशन कर सकती हैं, जबकि क्रेन और कन्वेयर बेल्ट में लगे सेंसर मशीन के रखरखाव की ज़रूरतों का अनुमान लगाने में मदद कर सकते हैं। ऑटोमेशन प्रोसेस को मशीन और इंसानों के बीच प्रतिस्पर्धा के तौर पर देखने की ज़रूरत नहीं है; यह पेपरवर्क खत्म करता है और लोगों को असुरक्षित लिफ्टिंग एरिया से दूर रखता है और साथ ही, यह क्रेन ड्राइवरों, रिमोट कंट्रोल रूम के स्टाफ मेंबर्स, रोबोटिक्स इंजीनियरों और आईटी एनालिस्ट के लिए एक नया बाजार बनाता है। सही रणनीति ऑटोमेशन और री-स्किलिंग दोनों को एक साथ लेकर चलने की है। भारत में ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ परियोजना के पीछे ठीक यही विचार है, जिसे उन्नत डिजिटल सिमुलेटरों से लैस प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। जैसे-जैसे बंदरगाह अधिक डिजिटल रूप से जुड़ रहे हैं, साइबर सुरक्षा का महत्व बढ़ जाता है; क्योंकि मजबूत पहचान नियंत्रण (आइडेंटिटी कंट्रोल्स) और बैकअप किसी भी डिजिटल त्रुटि को भौतिक बाधा बनने से रोकते हैं। भविष्य का रास्ता इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान किए गए ₹12 लाख करोड़ के इन्वेस्टमेंट प्रपोज़ल और ₹6 लाख करोड़ से ज़्यादा के सागरमाला प्रोजेक्ट्स के साथ, भारतीय पोर्ट्स अगले दस सालों में बदलाव का अनुभव करने वाले हैं। मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030 और मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047 जैसे सरकारी कार्यक्रमों के साथ, मैरीटाइम इंडस्ट्री एक ही समय में दोनों मकसद पूरे करने के लिए तैयार है। यह स्मार्ट, तेज़ और ग्रीन पोर्ट्स के साथ-साथ लाखों भारतीयों के लिए नई नौकरियों की सौगात है, क्योंकि देश का मैरीटाइम कल्चर तकनीक से चलने वाले युग में आगे बढ़ रहा है।

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छत्तीसगढ़ में हासिल किया पहला स्थान, 530 गांव हुए ‘हर घर जल’ से रोशन रायपुर, 20 अगस्त 2026 ​ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में हर घर तक शुद्ध, सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल पहुँचाने की दिशा में धमतरी जिले ने एक नया इतिहास रचा है। श्जल जीवन मिशनश् के प्रभावी क्रियान्वयन के दम पर धमतरी ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर मिसाल पेश की है। जिले के कुल 622 में से लगभग 530 गांवों में श्हर घर जलश् का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जिससे 85 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण आबादी को सीधे नल कनेक्शन के माध्यम…

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एकलव्य विद्यालयों में गणवेश, मेस संचालन एवं अन्य व्यवस्थाओं में एकरूपता पर जोर रायपुर, 20 अगस्त 2026 आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित टीआरटीआई के सभाकक्ष में आदिम जाति कल्याण आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति के संचालक मंडल की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के संचालन, शैक्षणिक गुणवत्ता तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर टीआरटीआई द्वारा प्रकाशित गुमनाम जननायक पुस्तक का भी विमोचन किया। उन्होंने इस दौरान शहीद वीरनारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी…

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नाव-जाल योजना और 50 प्रतिशत मत्स्य बीज अनुदान से बढ़ी आमदनी, एक लाख रुपए की शुद्ध आय रायपुर, 20 अगस्त 2026 अबूझमाड़ के दूरस्थ अंचलों में सरकारी योजनाएं ग्रामीणों की आजीविका को नई दिशा दे रही हैं। नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के ग्राम ओरछा निवासी श्री सोमारू राम उसेंडी, पिता स्व. श्री गिलू राम, ने मत्स्य पालन को रोजगार का साधन बनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। शासन की नाव-जाल योजना, मत्स्य बीज पर अनुदान और विभागीय मार्गदर्शन से उन्होंने मछली पालन को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया और करीब 1.25 लाख रुपए की आय अर्जित की,…

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जमीनी स्तर पर तैयारियों को परखा गया, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों ने लिया हिस्सा रायपुर, 20 अगस्त 2026 छत्तीसगढ़ में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति से निपटने और त्वरित, प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यभर में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल एक्सरसाइज आयोजित की गई। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी 33 जिलों में जिला प्रशासन के नेतृत्व में यह अभ्यास संपन्न हुआ। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूरी गतिविधि की निगरानी की गई। विभिन्न विभागों और सुरक्षा…

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