दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने सोमवार को गिरफ़्तार कर लिया

Report manpreet singh

Raipur chhattisgarh VISHESH : दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने सोमवार को गिरफ़्तार कर लिया है.समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें हवाला लेन-देन से जुड़े एक मामले के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया l हवाला लेन-देन का ये मामला कोलकाता की एक कंपनी से जुड़ा है. ईडी ने दिल्ली में सत्येंद्र जैन से जुड़े ठिकानों पर सोमवार को छापेमारी की जिसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.दिल्ली के गृह और स्वास्थ्य विभाग के अलावा सत्येंद्र जैन के पास ऊर्जा, लोक निर्माण विभाग, उद्योग, शहरी विकास, बाढ़ और सिंचाई और जल संसाधन जैसे विभागों की जिम्मेदारी है.

सत्येंद्र जैन के ख़िलाफ़ ईडी की कार्रवाई पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.मनीष सिसोदिया ने कहा, “सत्येंद्र जैन के ख़िलाफ़ 8 साल से एक फ़र्ज़ी केस चलाया जा रहा है. अभी तक कई बार ED बुला चुकी है. बीच में कई साल ED ने बुलाना भी बंद कर दिया था क्योंकि उन्हें कुछ मिला ही नहीं. अब फिर शुरू कर दिया क्योंकि सत्येंद्र जैन हिमाचल के इलेक्शन इंचार्ज हैं.”उन्होंने आगे कहा, “हिमाचल में भाजपा बुरी तरह से हार रही है. इसीलिए सत्येंद्र जैन को आज गिरफ़्तार किया गया है ताकि वो हिमाचल न जा सकें. वे कुछ दिनों में छूट जाएँगे क्योंकि केस बिलकुल फ़र्ज़ी है.”

ईडी ने पिछले महीने कहा था कि जैन परिवार और उनके द्वारा नियंत्रित और उनके स्वामित्व वाली अकिंचन डेवलेपर्स प्राइवेट लिमिटेड और इंडो मेटल इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां ज़ब्त की गई हैं.इन कंपनियों में सत्येंद्र जैन के अलावा उनकी पत्नी पूनम जैन की भी हिस्सेदारी बताई जा रही है. ज़ब्ती की ये कार्रवाई सत्येंद्र जैन के ख़िलाफ़ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के सिलसिले में हुई थी.दरअसल, सीबीआई ने सत्येंद्र जैन के ख़िलाफ़ 25 अगस्त, 2017 को पैसे के अवैध लेन-देन का मामला दर्ज किया था. इसी एफ़आईआर के आधार पर ईडी ने भी जैन के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया था. साल 2018 में ईडी ने इस केस के सिलसिले में उनसे पूछताछ भी की थी.ईडी का आरोप है कि सत्येंद्र जैन अपनी शेयर होल्डिंग वाली इन चार कंपनियों में निवेश किए गए पैसे का स्रोत नहीं बता सके.

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