केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का एलान के साथ ही कांग्रेस का पलटवार, कहा- 60 दिनों में 10 रु बढ़ाए, अब 9.50 घटा दिए, तो शिवसेना सांसद ने कहा झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए

Report manpreet singh

Raipur chhattisgarh VISHESH : केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी को कम करने का एलान किया है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि हम पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क 8 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 6 रुपये प्रति लीटर कम कर रहे हैं. इससे पेट्रोल की कीमत 9.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 7 रुपये प्रति लीटर कम हो जाएगी. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर सरकार पर लोगों को बेवकूफ बनाने का आरोप लगाया. सुरजेवाला ने लिखा कि प्रिय वित्त मंत्री, आज पेट्रोल की कीमत ₹105.41 लीटर है. आपका कहना है कि कीमत ₹9.50 कम हो जाएगी. 21 मार्च, 2022 यानी 60 दिन पहले, पेट्रोल की कीमत ₹95.41 लीटर थी. 60 दिनों में, आपने पेट्रोल की कीमत में ₹10/लीटर की वृद्धि की और अब इसे ₹9.50/लीटर कम कर दिया. लोगों को मूर्ख मत बनाओ. वहीं, सरकार के इस एलान के बाद सियासी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं.

सुरजेवाला ने आगे लिखा कि आज डीजल की कीमत ₹96.67 लीटर है. आपका कहना है कि अब कीमत ₹7/लीटर कम हो जाएगी. 21 मार्च, 2022 यानी 60 दिन पहले, डीजल की कीमत ₹86.67 लीटर थी. 60 दिनों में, आपने डीजल की कीमत में ₹10/लीटर की वृद्धि की और अब इसे ₹7/लीटर कम कर दिया. लोगों को बेवकूफ बनाना बंद करो.

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी ट्वीट मे कहा – कि झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए, आखिरकार, देशवासियों का दर्द समझ तो आया.

केंद्र ने ईंधन के अलावा महंगे गैस सिलेंडर खरीदने वालों को भी राहत दी है और उज्जवला योजना के लाभार्थियों को 200 रुपये प्रति गैस सिलेंडर की सब्सिडी देने का फैसला किया है. इसका एलान करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, “हम प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 9 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 200 रुपये प्रति गैस सिलेंडर (12 सिलेंडर तक) की सब्सिडी देंगे. इससे हमारी माताओं और बहनों को मदद मिलेगी.”

निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर कहा है कि जब से केंद्र में पीएम मोदी की सरकार आई है हम गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं. हमने गरीबों और मध्यम वर्ग की मदद के लिए कुछ कदम उठाए हैं. इसका नतीजा ये निकला है कि हमारे कार्यकाल में औसत महंगाई पिछली सरकार से कम ही रही है. उन्होंने कहा है कि दुनिया इस वक्त मुश्किल वक्त से गुज़र रही है. विश्व कोरोना महामारी से उबर ही रहा था कि यूक्रेन संकट आ खड़ा हुआ, जिससे सप्लाई चेन और कई सामानों की शॉर्टेज हुई है. इसके कई देशों में महंगाई और आर्थिक संकट पैदा हुए हैं.

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