

रिपोर्ट मनप्रीत सिंग
क्या है मामला? बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अनूप शहर थाना क्षेत्र स्थित फगौना गांव में एक शिव मंदिर में जगदीश (50) और शेर सिंह (52) नामक साधुओं की हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि गांव का ही रहने वाला मुरारी नामक युवक अक्सर मंदिर आता था। वह नशे का आदी था और करीब दो दिन पहले उसने इन साधुओं का चिमटा चुरा लिया था। मंगलवार तड़के इसी बात को लेकर उनका मुरारी के साथ झगड़ा हुआ था। सिंह ने बताया कि मुरारी ने दोनों साधुओं की डंडे से प्रहार कर हत्या कर दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
साधुओं से कोई रंजिश नहीं थी, यह घटना ‘भगवान की इच्छा’: हत्यारोपी
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक ग्रामीणों की मदद से पकड़े गये हत्यारोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि 27-28 अप्रैल की दरम्यानी रात को वह भांग खाकर मंदिर गया और वहां सो रहे दोनों साधुओं के सिर पर लाठी से वार करके उन्हें मार डाला। हत्या की वजह के बारे में पूछे जाने पर मुरारी ने बताया कि उसकी साधुओं से कोई रंजिश नहीं थी। यह घटना ‘भगवान की इच्छा’ है।
आरोपी के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
सपा-कांग्रेस ने की जांच की मांग
सपा और कांग्रेस ने बुलंदशहर में दो साधुओं की हत्या की गहराई से जांच की मांग करते हुए इनका राजनीतिकरण न करने को कहा है। सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा ‘बुलंदशहर में मंदिर परिसर में दो साधुओं की नृशंस हत्या अति निंदनीय व दुखद है। इस प्रकार की हत्याओं का राजनीतिकरण न करके, इनके पीछे की हिंसक मनोवृत्ति के मूल कारण या आपराधिक कारण की गहरी तलाश करने की आवश्यकता होती है। इसी आधार पर समय रहते न्यायोचित कार्रवाई करनी चाहिए।’ इस बीच, कांग्रेस महासचिव और पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बुलंदशहर की घटना की निंदा की है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा ‘अप्रैल के पहले 15 दिनों में ही उत्तर प्रदेश में 100 लोगों की हत्या हो गई। तीन दिन पहले एटा में पचौरी परिवार के पांच लोगों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए। कोई नहीं जानता उनके साथ क्या हुआ। आज बुलंदशहर में एक मंदिर में सो रहे दो साधुओं को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया।’ प्रियंका ने कहा, ‘ऐसे जघन्य अपराधों की गहराई से जाँच होनी चाहिए और इस समय किसी को भी इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। निष्पक्ष जाँच करके पूरा सच प्रदेश के समक्ष लाना चाहिए। यह सरकार की जिम्मेदारी है।





















