

Report manpreet singh
Raipur chhattisgarh VISHESH : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धान के अगले सीजन तक पंजाब को पराली जलाने से मुक्त करने का वादा किया है. उन्होंने कहा है कि अगले सीजन तक वे कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे.

भगवंत मान ने कहा कि राज्य में सरकार बहु-समर्थकी रणनीति पर काम कर रही है और इस समस्या का कोई ठोस हल निकालने के लिए पहले ही कृषि माहिरों और किसान यूनियनों के साथ काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों पंचायतों की तरफ से धान की पराली न जलाने का प्रस्ताव पास किये जाने के बाद राज्य सरकार ने इन किसानों को उत्साहित किया है. उन्होंने कहा कि देश को इस बात पर मान महसूस होता है कि हर साल फसल की बंपर पैदावार से अन्न भंडार लबालब भरे जाते हैं लेकिन हम इस सच्चाई को भूल जाते हैं कि इससे धान की पराली की पैदावार में भी विस्तार हुआ है.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से धान की पराली के उचित प्रबंधन के लिए 1.20 लाख मशीनें पहले ही मुहैया करवाई जा चुकी हैं और चूंकि यह पूरे उत्तर भारत की समस्या है इसलिए केंद्र सरकार को सभी प्रभावित राज्यों की तरफ से इस मामले के साझा हल के लिए दखल देना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में किसान 75 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की कृषि करते हैं जिसमें से 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में पैदा धान की पराली को जलाया जाता है. उन्होंने कहा कि बाकी किसान कभी भी आग लगाने के रुझान को नहीं अपनाते, क्योंकि इससे वातावरण प्रदूषित होता है.
भगवंत मान ने कहा कि धान की पराली के प्रबंधन के लिए ठोस हल प्रदान करने के लिए बड़ी संख्या में निवेशक राज्य में आकर बायो ऊर्जा प्लांट लगाना चाहते हैं. केंद्र को ऐसे लम्बित प्रोजेक्टों को तुरंत मंजूरी देनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि पंजाब का किसान धान की पराली को न जलाने के प्रति पूरी तरह संजीदा है क्योंकि वे जानते हैं कि इससे उनके परिवार पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा. भगवंत मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पूरे उत्तर भारत की समस्या है, इसलिए केंद्र सरकार को इस मुद्दे का हल ढूंढने के लिए मीटिंग बुलानी चाहिए l
भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ने संगरूर में बायो एनर्जी उत्पादन का प्लांट लगाया है और राज्य भर में ऐसे और प्लांट लगाए जाएंगे l








