

Raipur chhattisgarh VISHESH // 3 नवंबर 2026 | प्रातः 9:00 बजे से | एनआईटी रायपुर
एनआईटी रायपुर एवं छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CMDC) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर
एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर स्थित MeitY इंडियाAI छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI-CoE) के माध्यम से 3 नवंबर 2026 को प्रातः 9:00 बजे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CMDC) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौता ज्ञापन पर एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव तथा CMDC के मुख्य महाप्रबंधक श्री संजय कनकने हस्ताक्षर किए।
यह पाँच वर्षीय समझौता ज्ञापन खनन एवं खनिज क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा संबंधित प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संयुक्त पहल करने के लिए दोनों संस्थानों के बीच सहयोग का एक सशक्त ढाँचा स्थापित करता है। इसका उद्देश्य उद्योग की वास्तविक समस्याओं एवं चुनौतियों को एनआईटी रायपुर की अनुसंधान क्षमताओं, NITRRFIE के नवाचार एवं उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र तथा विद्यार्थियों और स्टार्टअप्स की प्रतिभा से जोड़ना है।
इस सहयोग के अंतर्गत CMDC प्रासंगिक समस्या विवरण (Problem Statements) एवं उपयोग संबंधी वास्तविक उदाहरण (Use Cases) साझा करेगा, जिनके आधार पर AI-CoE के शोधकर्ता, इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स तथा विद्यार्थी तकनीकी समाधान, प्रोटोटाइप एवं उत्पाद विकसित करने की दिशा में कार्य कर सकेंगे। आपसी सहमति से निर्धारित व्यवस्थाओं के अंतर्गत यह सहयोग पायलट परियोजनाओं के संचालन तथा क्षेत्रीय स्तर पर समाधानों के परीक्षण एवं सत्यापन (Field Validation) में भी सहायक होगा।
इस सहयोग के संभावित प्रमुख क्षेत्रों में AI आधारित खनिज अन्वेषण एवं संसाधन आकलन; खनन क्षेत्रों की रिमोट सेंसिंग, GIS तथा कंप्यूटर विज़न आधारित निगरानी; खनिज प्रशासन के लिए डेटा विश्लेषण एवं निर्णय-सहायता उपकरणों का विकास; तथा खदान से अंतिम गंतव्य तक खनिजों की आवाजाही की पारदर्शिता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी डिजिटल अभिरक्षा शृंखला (Chain of Custody) प्रणाली का विकास शामिल है।
इसके अतिरिक्त, इस साझेदारी के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शन (Mentorship), इंटर्नशिप, प्रशिक्षण कार्यक्रम, हैकाथॉन तथा संयुक्त जनसंपर्क गतिविधियों के आयोजन की भी परिकल्पना की गई है।
इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ के प्रौद्योगिकी एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उद्योग की आवश्यकताओं पर आधारित चुनौतियों, अनुप्रयुक्त अनुसंधान, स्टार्टअप नवाचार और विद्यार्थी प्रतिभा को एक मंच पर लाकर यह साझेदारी राज्य के खनन एवं खनिज क्षेत्र में AI आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
CMDC की ओर से उपस्थित अधिकारीगण:- श्री संजय कनकने, मुख्य महाप्रबंधक, CMDC, श्री यू. के. कुरैशी, महाप्रबंधक, CMDC, डॉ. अभिषेक देवांगन, सहायक भूवैज्ञानिक, CMDC
कार्यक्रम का समन्वय AI-CoE, एनआईटी रायपुर के प्रधान अन्वेषक डॉ. अनुज के. शुक्ला तथा NITRRFIE के सहायक कुलसचिव एवं प्रभारी अधिकारी श्री पवन कटारिया द्वारा किया गया। इस कार्य में NITRRFIE की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती मेधा सिंह तथा इन्क्यूबेशन प्रबंधक श्री सुनील दीवांगन का भी सहयोग प्राप्त हुआ।
यह संपूर्ण पहल एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव तथा NITRRFIE के बोर्ड निदेशक डॉ. समीर बाजपेयी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुई।









