



Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुर, 9 अक्टूबर 2026: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के वास्तुकला एवं नियोजन विभाग द्वारा 5 से 9 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से पाँच दिवसीय स्व-वित्तपोषित अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम (एसटीटीपी) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। “उच्च-प्रदर्शन सतत भवनों का अभिकल्पन” (Designing High-Performance Sustainable Buildings) शीर्षक वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य सतत एवं उच्च-प्रदर्शन वाले भवनों के अभिकल्पन से संबंधित आधुनिक अवधारणाओं, तकनीकों और कार्यप्रणालियों से प्रतिभागियों को परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ 5 अक्टूबर 2026 को उद्घाटन सत्र के साथ हुआ। इस दौरान प्रतिभागियों को कार्यक्रम के उद्देश्यों, संरचना तथा सतत एवं उच्च-प्रदर्शन भवन अभिकल्पन के क्षेत्र में इसकी समकालीन प्रासंगिकता से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का आयोजन एनआईटी रायपुर के प्रभारी निदेशक प्रो. समीर बाजपेयी के संरक्षण तथा वास्तुकला एवं नियोजन विभाग के विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. देबाशीष सान्याल के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. हिमांशु पोपटानी थे। विभाग की सहायक प्राध्यापक श्रीमती देवांशी गौर एवं श्रीमती कबिता बिस्वास शर्मा ने कार्यक्रम के समन्वय का दायित्व निभाया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अकादमिक जगत एवं व्यावसायिक क्षेत्र के आमंत्रित विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर व्याख्यान एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए। इनमें जलवायु-अनुकूल अभिकल्पन, एकीकृत सतत अभिकल्पन, पारंपरिक एवं स्थानीय वास्तुकला, संसाधन दक्षता, नेट-ज़ीरो ऊर्जा भवन, जलवायु एवं सौर विश्लेषण, ऊर्जा अनुकरण, प्राकृतिक प्रकाश का अनुकरण तथा हरित भवन प्रमाणन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में डॉ. अवलोकिता अग्रवाल, आर्किटेक्ट शालिनी सेनगुप्ता, आर्किटेक्ट मरियम ज़किया, डॉ. फरहीन बानो तथा श्री उस्मान उस्मानी ने योगदान दिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सैद्धांतिक चर्चाओं के साथ व्यावहारिक प्रदर्शन एवं अनुप्रयोग-आधारित सत्रों को भी शामिल किया गया। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को सतत भवनों के मूल्यांकन की समकालीन विधियों तथा विभिन्न सिमुलेशन टूल्स के उपयोग से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, वास्तुकारों, नगर एवं क्षेत्र नियोजकों, सलाहकारों तथा उद्योग जगत के पेशेवरों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंतिम दिन हरित भवन प्रमाणन तथा लीड (LEED) प्रमाणित भवनों के केस स्टडी पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 9 अक्टूबर 2026 को शाम 4:00 बजे से 5:00 बजे तक आयोजित समापन समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव तथा एनआईटी रायपुर के सीईसी अध्यक्ष प्रो. सुभोजित घोष उपस्थित रहे।
समापन सत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रमुख निष्कर्षों एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही, आमंत्रित विशेषज्ञों, आयोजन समिति तथा सभी प्रतिभागियों के बहुमूल्य योगदान की सराहना की गई। इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ने सतत भवन अभिकल्पन, ऊर्जा दक्षता तथा पर्यावरण-अनुकूल निर्माण पद्धतियों के क्षेत्र में प्रतिभागियों के ज्ञान एवं व्यावहारिक समझ को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





















