




रायपुर, 25 सितंबर 2026: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर के रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग द्वारा “Piping Engineering & Process Plant Engineering – From Concept to Commissioning Stage: An Industrial Perspective” विषय पर एक सप्ताह की उद्योगोन्मुख कार्यशाला का उद्घाटन 25 सितंबर 2026 को एनआईटी रायपुर के D2 हॉल (विक्रम साराभाई हॉल) में किया गया।
उद्घाटन समारोह में प्रो. जी. डी. रामटेक्कर, निदेशक (प्रभारी), एनआईटी रायपुर तथा प्रो. एन. डी. लोंढे, कुलसचिव, एनआईटी रायपुर ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में प्रो. एस. सन्याल, डीन, CR & RM, डॉ. एस. घोष, अध्यक्ष, CEC, तथा प्रो. बी. मजूमदार, विभागाध्यक्ष, रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग, सहित अन्य संकाय सदस्य एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

कार्यशाला में श्री नितिन जी. नागेश्वर, CEO, YoKu Consultant, विशेषज्ञ/अतिथि वक्ता के रूप में शामिल हैं। वे प्रतिभागियों को पाइपिंग इंजीनियरिंग एवं प्रोसेस प्लांट इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उद्योगोन्मुख जानकारी प्रदान कर रहे हैं, जिसमें व्यावहारिक अनुप्रयोगों और औद्योगिक कार्यप्रणालियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
25 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाली इस पांच दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को पाइपिंग सिस्टम, प्रोसेस प्लांट डिजाइन, उपकरण एवं यूटिलिटीज तथा औद्योगिक कार्यप्रणालियों का व्यापक परिचय प्रदान करना है। इसमें परियोजना के कॉन्सेप्चुअल चरण से लेकर डिजाइन एवं विकास तथा कमीशनिंग तक की संपूर्ण प्रक्रिया को औद्योगिक दृष्टिकोण से समझाया जा रहा है।
कार्यशाला को प्रतिभागियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। विभिन्न संस्थानों से लगभग 60 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराया है। यह सहभागिता प्रोसेस प्लांट एवं पाइपिंग इंजीनियरिंग के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान और उद्योगोन्मुख कौशल प्राप्त करने के प्रति विद्यार्थियों एवं पेशेवरों की बढ़ती रुचि को दर्शाती है।
कार्यशाला का समन्वयन डॉ. धर्म पाल, डॉ. जे. आनंदकुमार एवं डॉ. सी. ठाकुर, रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी रायपुर द्वारा किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य एक अनुभवी उद्योग विशेषज्ञ के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराकर शैक्षणिक ज्ञान और औद्योगिक आवश्यकताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
उद्घाटन कार्यक्रम में उद्योग एवं शिक्षा जगत के बीच सहयोग और संवाद के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों एवं युवा पेशेवरों को प्रोसेस प्लांट के डिजाइन, विकास, क्रियान्वयन एवं कमीशनिंग से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यशाला से प्रतिभागियों को समकालीन औद्योगिक कार्यप्रणालियों की उपयोगी जानकारी मिलने तथा प्रोसेस प्लांट इंजीनियरिंग के संपूर्ण जीवनचक्र की समझ विकसित होने की अपेक्षा है।





















