
कैट. सी.जी. चैप्टर. प्रे.वि.क्र./11/09/2026-27 दिनांकः- 16.09.2026

‘व्यापारी कर संवाद’ के अगले चरण में प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचेगा विभागीय मार्गदर्शन और सीधा संवाद – श्री संजीव

व्यापारी और विभाग के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करना CAIT की प्राथमिकता, मिलकर आगे बढ़ाएंगे ‘व्यापारी कर संवाद’ – अमर पारवानी
Raipur chhattisgarh VISHESH / देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT ) के नेशनल वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य श्री अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन श्री जितेन्द्र दोशी, श्री विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष श्री परमानंद जैन, वाइस चेयरमेन श्री सुरिन्दर सिंह, श्री जीवत बजाज, प्रदेश महामंत्री श्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेन्द्र जग्गी, श्री वासु माखीजा, श्री राम मंधान, श्री भरत जैन, श्री राकेश ओचवानी एवं श्री शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि ‘एक प्रदेश-एक दिन-एक संवाद’ की अवधारणा के अंतर्गत CAIT छत्तीसगढ़ एवं आयकर विभाग द्वारा आयोजित ऐतिहासिक ‘व्यापारी कर संवाद’ को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिलने के बाद CAIT छत्तीसगढ़ की टीम ने मुख्य आयकर आयुक्त, रायपुर श्री संजीव (IRS) से मुलाकात कर इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उनका विशेष आभार व्यक्त किया।
CAIT के राष्ट्रीय वाईस चेयरमेन श्री अमर पारवानी के नेतृत्व में कैट की टीम ने संजीव जी को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से प्राप्त मेडल एवं प्रमाण-पत्र की उपलब्धि से अवगत कराया तथा ‘व्यापारी कर संवाद’ के सफल आयोजन में आयकर विभाग द्वारा दिए गए सहयोग, मार्गदर्शन एवं सकारात्मक सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर मुख्य आयकर आयुक्त श्री संजीव (IRS) ने CAIT छत्तीसगढ़ की पूरी टीम को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ‘एक प्रदेश-एक दिन-एक संवाद’ के अंतर्गत आयोजित ‘व्यापारी कर संवाद’ केवल पहला चरण था। इस पहल को आगे और व्यापक रूप देते हुए अब अगले चरणों में प्रदेश के सभी जिलों में व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
श्री संजीव ने कहा कि आयकर विभाग और CAIT का उद्देश्य व्यापारियों को केवल कर संबंधी जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें नियमों, प्रक्रियाओं एवं अनुपालन के संबंध में उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना और उनके साथ निरंतर संवाद को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि आने वाले चरणों में आयकर विभाग के अधिकारी विभिन्न जिलों में व्यापारियों के बीच जाकर उनके प्रश्नों एवं व्यावहारिक विषयों को समझेंगे तथा उन्हें आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इससे व्यापारियों को कर व्यवस्था को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिलेगी और विभाग एवं व्यापारी समाज के बीच संवाद और अधिक मजबूत होगा।
“संवाद को निरंतर आगे बढ़ाना हमारा साझा उद्देश्य”
मुख्य आयकर आयुक्त श्री संजीव ने कहा कि CAIT और आयकर विभाग के बीच इस प्रकार का सीधा संवाद आपसी समन्वय और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि व्यापारी देश एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं और उनके साथ नियमित संवाद के माध्यम से कर व्यवस्था से जुड़े विषयों को अधिक सहज एवं प्रभावी तरीके से समझाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि CAIT के साथ मिलकर ‘व्यापारी कर संवाद’ को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के सभी जिलों में इस पहल का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक व्यापारियों को इसका लाभ मिल सके।
CAIT ने जताया विशेष आभार
CAIT के राष्ट्रीय वाईस चेयरमेन श्री अमर पारवानी ने मुख्य आयकर आयुक्त श्री संजीव (IRS) का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘व्यापारी कर संवाद’ को सफल बनाने में उनका सकारात्मक दृष्टिकोण, मार्गदर्शन एवं आयकर विभाग की पूरी टीम का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है।
अमर पारवानी ने कहा कि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का सम्मान इस संवाद की शुरुआत का परिणाम है, जबकि आने वाले चरणों में इसे प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचाना इस पहल का अगला महत्वपूर्ण लक्ष्य है।
CAIT के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग और व्यापारी समाज के बीच निरंतर संवाद, समन्वय एवं सहयोग से व्यापारियों में कर संबंधी जागरूकता बढ़ेगी, स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा तथा छत्तीसगढ़ में और अधिक सकारात्मक एवं विश्वासपूर्ण व्यापारिक वातावरण तैयार होगा।
इस अवसर पर मुख्य आयकर आयुक्त श्री संजीव (IRS) से मुलाकात में कैट एवं युवा कैट के पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे:- अमर पारवानी, परमानन्द जैन, सुरेन्दर सिंह, राम मंधान, मोहन वल्र्यानी, कन्हैया गुप्ता, महेष जेठानी, शैलेन्द्र गोयनका, कान्ति पटेल, रतनदीप सिंह, रौनक पटेल एवं अमीत गुप्ता।
धन्यवाद
अवनीत सिंह
प्रदेश महामंत्री
9575561000





















