
Report manpreet singh
Raipur chhattisgarh VISHESH : ऑनलाईन सट्टा महादेव बुक पर रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है. जानकारी के मुताबिक एण्टी क्राईम एवं साईबर यूनिट टीम को सूचना प्राप्त हुई कि थाना तेलीबांधा क्षेत्रांतर्गत अवंति विहार के पास 02 व्यक्ति द्वारा ऑनलाईन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे है, जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर/अपराध अभिषेक माहेश्वरी द्वारा प्रभारी एण्टी क्राईम एवं साईबर यूनिट तथा थाना प्रभारी तेलीबांधा को सटोरियों को गिरफ्तार करने आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।

जिस पर एण्टी क्राईम एवं साईबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा की संयुक्त टीम द्वारा मुखबीर द्वारा बताये स्थान पर जाकर हुलियों के व्यक्तियों को चिन्हांकित कर पकड़ा गया। पूछताछ में व्यक्तियों ने अपना नाम वी. दिनेश एवं वी. कार्तिक उर्फ सोनू निवासी दुर्ग का होना बताया। टीम के सदस्यों द्वारा उनके लैपटाप एवं मोबाईल फोन को चेक किया गया जिसमें महादेव एप्पीकेशन के माध्यम से विभिन्न प्रकार के ऑनलाईन सट्टा संचालित करना पाया गया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी वी. दिनेश एवं वी. कार्तिक उर्फ सोनू द्वारा आंध्रप्रदेश के विजयनगर से 10 अन्य व्यक्तियों द्वारा महादेव आॅनलाईन सट्टा एप्लीकेशन की आईडी बनाकर सट्टा संचालित करना एवं आईडी बिक्री करने हेतु देना बताया गया । जिस पर टीम के सदस्यो को आंध्रप्रदेश के विजयनगर रवाना किया गया। जिस पर टीम के सदस्यो द्वारा विजयनगर से अंकित चैबे, वी. वेंकटेश, कुशाल अप्पा , एम.के. मौली, एम. वेंकटेश, आयुष भारती, रितिक कुमार, के. राजू, अमन सिंह, तथा ए.राजू राव को पकड़ा गया, जो अपने मोबाईल फोन एवं लैपटाॅप में आॅन लाईन महादेव सट्टा की आई डी बनाकर बिक्री करने के साथ ही ऑनलाईन सट्टा संचालित भी कर रहे थे।
पूछताछ में आरोपियों द्वारा बताया गया कि कपिल चेलानी, सौरभ चंद्राकर, रवि उत्पल तथा अतुल अग्रवाल जो कि दुबई में रहते है, महादेव क्रिकेट सट्टा चलाने वाले एप्लीकेशन के मुख्य संचालक है एवं महादेव क्रिकेट सट्टा में जो भी मुनाफा होता है उसका पूरा हिस्सा चारो व्यक्तियो सौरभ चंद्राकर, कपिल चेलानी, रवि उत्पल एवं अतुल अग्रवाल को जाता है। जिस पर समस्त 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोपियों के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 643/22 धारा 4 क जुआ एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
बिरयानी सेंटर के आड़ पर महादेव बुक चलाने वाले रैकेट का भंडाफोड हुआ है। महादेव बुक के रैकेट में शामिल बुकी ने बिरयानी सेंटर में पार्टनर बनाने का झांसा देकर ड्राइवरों, ऑटो-रिक्शा वालों की आईडी ली और उनकी जानकारी के बगैर उसी एक आईडी से 6-6 बैंक खाते खोल लिए। उसके बाद पुलिस और प्रशासन को झांसा देने उसी खाते से सट्टे के करोड़ों रुपयों का ट्रांजेक्शन किया।
पुलिस तहकीकात के दौरान खाता जिसके नाम पर है, उस तक पहुंची तब फर्जीवाड़ा फूटा। उसके बाद पुलिस ने पहली बार राज्य में महादेव बुक रैकेट चलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए चारसौबीसी का केस दर्ज किया है। अब तक उनके खिलाफ केवल जुआ एक्ट के तहत सामान्य केस ही दर्ज किया जा सका था। पुलिस अब खाता खुलवाने वाले आरोपियों की तलाश कर रही है। एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि महादेव बुक में 7 बुकी और उनके लिए दांव लेने वाले 55 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
यह राज्य में बड़ी कार्रवाई है। इतना ही नहीं अभी तक 466 से ज्यादा बैंक खातों का पता लगाया जा चुका है। इनका रिकार्ड खंगाला जा रहा है। इनमें से कुछ खातों में जमा 95 लाख फ्रीज किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि इतने खातों में ज्यादातर को मालूम ही नहीं है कि उनके खातों में करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन हो रहा है। अब जब पुलिस एक-एक कर खाता खोलने वालों तक पहुंच रही है तब उन्हें भी पता चल रहा है। उन्हें झांसा देकर आईडी ली गयी और उसका दुरुपयोग किया जा रहा है।
पुलिस को झांसा देने कारोबार की आड़ में सट्टा
पुलिस अफसरों ने बताया कि तात्यापारा निवासी आशीष भालकर और नावेद कुरैशी की जायका बिरयानी सेंटर है। आरोपियों ने दुर्ग में भी अपनी ब्रांच खोली है। आशीष ने महादेव बुक का आईडी ली है। वह कर्मचारी रखकर उनके माध्यम से आईडी चला रहा है। उसने नयापारा में रहने वाले अपने दोस्त शेख कमालुद्दीन से संपर्क किया। उन्हें अपने बिरयानी सेंटर में पार्टनर बनाने का झांसा दिया। उनसे कहा कि राज्य में ब्रांच खोल रहे हैं। उसमें उन्हें पार्टनर बनाया जाएगा। उनके खाते में पैसा जमा होगा।
इसके बदले उन्हें कुछ पैसे मिलेंगे। कमालुद्दीन इसके लिए तैयार हो गए। उसके बाद आरोपी ने उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो समेत अन्य दस्तावेज ले लिए। उनका एटीएम भी रख लिया। उसके बाद आरोपी उसमें महादेव बुक का पैसा जमा कराने लगे।
उन्होंने कई बार अपना एटीएम और पासबुक मांगी। आरोपी ने कोई न कोई बहाना कर उन्हें टाल दिया। जब महादेव बुक के संबंध में जानकारी हुई तो कमालुद्दीन ने पुलिस से संपर्क किया। भांडा फूटने के बाद आशीष भालकर, नावेद कुरैशी और उनका साथी प्रीतम अग्रवाल फरार है। पुलिस तीनों की तलाश कर रही हैं। आरोपी आशीष के नाम पर एक ही बैंक में कई खाते मिले हैं।





















