



Raipur chhattisgarh VISHESH / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में दिव्यांगजनों के लिए आयोजित दो दिवसीय जागरूकता एवं कौशल विकास कार्यशाला का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। 30–31 जुलाई 2026 को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास, उद्यमिता तथा रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक बनाना था, ताकि वे अधिक आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यशाला के दूसरे दिन की शुरुआत डिजिटल साक्षरता, सरकारी योजनाओं तथा हैंड्स-ऑन प्रायोगिक प्रशिक्षण सत्रों के साथ हुई। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को आवश्यक डिजिटल कौशल, ऑनलाइन सेवाओं तथा दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। प्रायोगिक सत्र में प्रतिभागियों को सीखी गई अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से लागू करने का अवसर मिला। इस अवसर पर श्रीमती शिखा वर्मा, अधीक्षक (प्रभारी), शासकीय बहु-दिव्यांग गृह, माना कैंप, रायपुर ने प्रतिभागियों को प्रेरणादायक संबोधन दिया।

दोपहर के सत्र में उद्यमिता एवं वित्तीय साक्षरता विषय पर चर्चा की गई, जिसमें लघु व्यवसाय के अवसर, बचत, डिजिटल भुगतान तथा वित्तीय आत्मनिर्भरता पर विशेष जानकारी दी गई। इसके पश्चात आयोजित सरकारी योजनाओं की जानकारी सत्र में प्रतिभागियों को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा राष्ट्रीय दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम (एनएचएफडीसी) के माध्यम से उपलब्ध विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं वित्तीय सहायता के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया।
कार्यशाला के अंतिम तकनीकी सत्र कैरियर मार्गदर्शन एवं प्लेसमेंट सहायता का संचालन डॉ. सुरेश कुमार कुशवाहा, सहायक निदेशक (रोजगार), राष्ट्रीय करियर सेवा केंद्र (दिव्यांगजन), श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को रोजगार के लिए आवश्यक तैयारी, प्रभावी बायोडाटा (रिज्यूमे) तैयार करने, साक्षात्कार कौशल तथा विभिन्न रोजगार अवसरों के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, निरंतर कौशल विकसित करने तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में आत्मविश्वास के साथ योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस कार्यशाला से उन्हें अपने अधिकारों, सरकारी योजनाओं, डिजिटल तकनीकों, व्यावसायिक कौशल तथा रोजगार के अवसरों के संबंध में उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने उनके आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि की है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रो. नरेंद्र डी. लोंढे, कुलसचिव एवं प्रोफेसर, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी रायपुर; डॉ. सुरेश कुमार कुशवाहा, सहायक निदेशक (रोजगार), राष्ट्रीय करियर सेवा केंद्र (दिव्यांगजन); तथा कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. बुनिल कुमार बालाबंतराय, सहायक प्रोफेसर, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग एवं डॉ. सत्या ईश्वरी जुज्जावरापु, एसोसिएट प्रोफेसर, जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र एवं उपहार प्रदान किए।
आयोजकों ने डॉ. एन. वी. रमना राव, निदेशक, एनआईटी रायपुर; प्रो. नरेंद्र डी. लोंढे, कुलसचिव; सभी आमंत्रित विशेषज्ञों, संसाधन व्यक्तियों तथा प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि दिव्यांगजनों के लिए समावेशन, सुगम्यता, समान अवसर तथा सशक्तिकरण को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके।





















