

Raipur chhattisgarh VISHESH / असम सरकार के आपदा विभाग की ओर से बाढ़ को लेकर बुधवार देर शाम जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि इस समय राज्य के 11 ज़िलों के 939 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं, जबकि बाढ़ के कारण 6 लाख 53 हज़ार से अधिक लोग प्रभावित हुए असम में बाढ़ की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है. पिछले 24 घंटों में बाढ़ के कारण 10 और लोगों की जान गई है, जिससे राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 41 हो गई है
आपदा विभाग की बाढ़ रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य के अलग-अलग ज़िलों में खोले गए राहत शिविरों में क़रीब 25 हज़ार विस्थापित लोगों ने शरण ले रखी है. बाढ़ ने ऊपरी असम में भारी तबाही मचाई है.शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट ज़िलों में बाढ़ से भारी नुक़सान हुआ है.

बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के काम में जुटे एनडीआरएफ़ के डिप्टी कमांडेंट एन.के. तिवारी ने बीबीसी से कहा, “जोरहाट के कई इलाक़ों में फर्स्ट एनडीआरएफ़ की दो टीमें बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. बीते रविवार-सोमवार को यहां हालात बहुत ख़राब थे.”
उन्होंने कहा, टियोक इलाक़े में कई गांव पूरी तरह पानी में डूब गए थे. हमारी 65 लोगों की दो टीमों ने रात-दिन लगातार 36 घंटे बिना रुके बचाव अभियान चलाया. अब तक कम से कम 470 से अधिक लोगों को बचाया गया है.
एनडीआरएफ़ के डिप्टी कमांडेंट ने बताया कि अब भी इलाके़ में लगातार बारिश हो रही है और हालात काफ़ी नाज़ुक बने हुए हैं. राज्य के कई इलाक़ों में भारतीय सेना बचाव कार्यों में लगी हुई है. सेना के हेलीकॉप्टर अलग-थलग पड़े इलाक़ों में लोगों का पता लगाने के लिए हवाई निगरानी कर रहे हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ऊपरी असम के कई बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा करने के बाद कहा, यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है कि कोई भी फंसा हुआ व्यक्ति पीछे न छूटे. ज़िला प्रशासन चौबीसों घंटे काम कर रहा है.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को बाढ़ के हालात पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात कर इसकी जानकारी दी. मुख्यमंत्री के अनुसार, ऊपरी इलाक़ों में बादल फटने के कारण आई अचानक बाढ़ ने लोगों की ज़िंदगी में भारी तबाही मचाई है.





















