
पैकहाउस निर्माण के लिए मिला 2 लाख रुपये का अनुदान, उन्नत तकनीक से बढ़ेगी सब्जी उत्पादकों की आय
रायपुर, 11 मई 2026

सब्जी उत्पादकों के लिए पैक हाउस का निर्माण एक वरदान साबित हो रहा है, जिससे कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आती है और आय में वृद्धि होती है। पैक हाउस में सब्जियों की छंटाई, ग्रेडिंग और पैकिंग की जाती है, जिससे उत्पाद को बाजार में बेहतर दाम मिलते हैं। सब्जियों की तुड़ाई के बाद उचित रख-रखाव से उनकी ताजगी बनी रहती है और खराब होने की संभावना कम हो जाती है।
छत्तीसगढ़ में आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीणों और किसानों के लिए शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम साबित हो रहा है। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत दूरस्थ वनांचल ग्राम बुढ़ानछापर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर, ग्राम पीटेपानी के किसान कीर्तन उईके के जीवन में बड़ी खुशहाली लेकर आया है।
’भंडारण की समस्या का हुआ समाधान’
किसान कीर्तन उईके के पास कुल 23 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें से वे लगभग 6 एकड़ में सब्जी की खेती करते हैं। उन्नत उत्पादन के बावजूद, क्षेत्र में पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें अक्सर अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती थी या फसल खराब होने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।
’NHM योजना से मिली नई दिशा’
सुशासन तिहार शिविर के दौरान कीर्तन को उद्यानिकी विभाग की राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत आवेदन करने पर उन्हें पैकहाउस निर्माण के लिए 2 लाख रुपये का अनुदान डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे प्राप्त हुआ। उद्यानिकी विभाग द्वारा उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए गए। और विभागीय अधिकारियों द्वारा ग्रेडिंग, पैकिंग और विपणन की तकनीकी जानकारी दी गई।
आय में वृद्धि की उम्मीद
अनुदान मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कीर्तन उईके ने बताया कि अब पैकहाउस बनने से वे अपनी सब्जियों को सुरक्षित रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि पहले फसल को तुरंत बेचना हमारी मजबूरी थी, लेकिन अब व्यवस्थित भंडारण और आधुनिक तकनीक की मदद से हम फसल की गुणवत्ता बनाए रख सकेंगे। इससे हमें बाजार में बेहतर मूल्य मिलेगा और हमारी आय में निश्चित रूप से बढ़ोतरी होगी।
सुशासन से सुधर रही किसानों की तकदीर
किसान कीर्तन ने इस जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार जैसे आयोजन न केवल योजनाओं की जानकारी देते हैं, बल्कि मौके पर ही समस्याओं का समाधान कर किसानों को सीधे लाभ पहुँचा रहे हैं। उन्होंने अन्य कृषकों से भी आगे आकर शासन की इन आधुनिक कृषि योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।





















