

Raipur chhattisgarh VISHESH बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने अमित जोगी को दोषी करार करते तीन हफ्ते में करना होगा सरेंडर, का फेसला सुनाया है ल चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने उन्हें तीन हफ्ते के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की स्पेशल डिवीजन बेंच ने यह अहम फैसला सुनाया, जिसमें पहले कोर्ट ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस पूरे मामले को हाईकोर्ट में रीओपन किया गया। मामले की जांच करने वाली एजेंसी सीबीआई ने कोर्ट में 11 हजार पन्नों की रिपोर्ट पेश की थी। इसी विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर अमित जोगी पर भी चार्ज लगाए गए थे और आज अंतिम सुनवाई के बाद उन्हें दोषी माना गया है।

अब उन्हें तीन हफ्ते के अंदर सरेंडर करना होगा, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।मामले की सुनवाई के दौरान स्व. रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने कोर्ट को बताया कि उनके पिता की हत्या एक राजनीतिक साजिश थी। सीबीआई ने 11 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की थी, जिसमें हत्या से जुड़े पर्याप्त सबूत शामिल हैं।इधर हाईकोर्ट के फैसले पर अमित जोगी ने कहा कि कोर्ट ने बिना पूरी सुनवाई का मौका दिए उन्हें दोषी करार दिया, जो उनके लिए अप्रत्याशित है। उन्होंने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है। ज्ञात हो कि उस समय जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे।








