



राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान रायपुर के बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने 23 से 27 मार्च 2026 तक “बायोइंजीनियरिंग में 3D प्रिंटिंग प्रौद्योगिकी” पर एक शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बायोइंजीनियरिंग अनुप्रयोगों में 3D प्रिंटिंग प्रौद्योगिकी की भूमिका को समझना था, जिसमें डिज़ाइन, निर्माण और विशेषता तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया गया। कार्यक्रम का समापन समारोह 27 मार्च 2026 को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. प्रतिमा गुप्ता, बायोटेक्नोलॉजी विभाग की प्रमुख उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. चिन्मय महापात्रा, डॉ. जे. सत्या इश्वरी और डॉ. मणिशेखर कुमार द्वारा किया गया।
डॉ. कुमार ने अपने संबोधन में वैज्ञानिक प्रगति के महत्वपूर्ण मील के पत्थर के रूप में सफल प्रिंटिंग की सराहना की और इसके स्वास्थ्य देखभाल के भविष्य पर प्रभाव की संभावना को रेखांकित किया। उन्होंने विभिन्न संस्थानों से आए वक्ताओं की उपस्थिति और देशभर से विद्यार्थियों की उत्साही भागीदारी की सराहना की, और उभरती प्रौद्योगिकियों में बढ़ते रुचि और सहयोग की भावना को उजागर किया।

डॉ. गुप्ता ने अपने संबोधन में सभी उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दीं और स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में थ्री डी प्रिंटिंग अनुप्रयोगों पर ध्यान केंद्रित करने की सराहना की। उन्होंने समन्वयकों के प्रयासों और प्रतिष्ठित वक्ताओं की उपस्थिति को भी सराहा और प्रतिभागियों को कार्यक्रम द्वारा प्रदान किए गए मूल्यवान शिक्षण अवसरों के लिए बधाई दी।
डॉ. महापात्रा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और इस सम्मेलन की सफल योजना और कार्यान्वयन की सराहना की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आयोजन समिति ने इस कार्यक्रम से काफी कुछ सीखा, जिससे यह कार्यक्रम एक अर्थपूर्ण और समृद्ध अनुभव बना।








