

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में ग्रामीण कौशल प्रशिक्षण एवं प्राथमिकता क्षेत्र ऋण पर बल
प्रविष्टि तिथि: 17 JAN 2026 7:50PM by PIB Raipur
छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने आज राज्य के 5 जिलों में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (Rural Self Employment Training Institutes–RSETIs) की स्थापना की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे ग्रामीण युवाओं को कौशल-आधारित एवं रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्राप्त होगा तथा वे विकास प्रक्रिया में प्रभावी रूप से भागीदारी कर सकेंगे। उन्होंने बैंकों से प्राथमिकता क्षेत्र ऋण एवं शासकीय प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत ऋण प्रवाह बढ़ाने का भी आह्वान किया, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर एवं पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

मुख्य सचिव नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (State-Level Bankers’ Committee–SLBC) की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में राज्य में बैंकों के कार्य निष्पादन की समीक्षा की गई तथा वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करने एवं ऋण वितरण व्यवस्था में सुधार हेतु विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई।

बैठक में श्री मनोज कुमार, महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रमुख सचिव, श्रीमती रीनी अजीथ, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक, श्री शीतांशु शेखर, महाप्रबंधक, राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), श्री अंकित आनंद, सचिव, श्री रजत कुमार, सचिव, श्री प्रभात मल्लिक, सचिव, श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, निदेशक (संस्थागत वित्त), श्री चंदन कुमार, विशेष सचिव, श्री राकेश कुमार सिन्हा, उपमहाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, सहित छत्तीसगढ़ शासन के अन्य सचिव, विभागाध्यक्ष, विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी तथा राज्य के 33 जिलों के अग्रणी बैंक प्रबंधक उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने देश के आर्थिक विकास में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने बैंकों से समग्र वित्तीय समावेशन की दिशा में निरंतर प्रयास करने, विशेष रूप से सुदूर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि बैंकिंग पहुंच एवं वित्तीय अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए राज्य शासन की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, भारतीय स्टेट बैंक एवं अन्य बैंकों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की तथा शासकीय प्रायोजित ऋण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निरंतर एवं परिणामोन्मुख प्रयास करने का आह्वान किया।
बैठक का समापन श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, निदेशक (संस्थागत वित्त) द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य सचिव एवं सभी उपस्थित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा बैठक के सफल आयोजन के लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति एवं इसके संयोजक भारतीय स्टेट बैंक के प्रति विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया








