














छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ऊँची उड़ान। बाल अधिकार एवं संरक्षण पर तैयार किया रक्षक पाठ्यक्रम, जो है देश में अपनी तरह का पहला शैक्षणिक नवाचार।
Raipur chhattisgarh VISHESH :09 दिसंबर 2025 का दिन मेरे लिए एक स्वर्णिम पल रहा, जब प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की गरिमामयी उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों के मध्य “रक्षक पाठ्यक्रम” के लिए एमओयू संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री जी ने इस पाठ्यक्रम को रिकॉर्ड समय में तैयार करने और विश्वविद्यालयों में इसे लागू करने के लिए आयोग की पूरी टीम को बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मुक्त कंठ से पाठ्यक्रम की तारीफ करते हुए कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम छात्रों के सुरक्षित और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में आवश्यक विशेषज्ञता भी विकसित करेगा। माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कई बार बच्चे भूलवश या भ्रमित होकर गलत दिशा में चले जाते हैं क्योंकि वे अबोध होते हैं। ऐसे बच्चों को सही मार्ग पर लाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी ने कहा कि “यह पाठ्यक्रम संवेदनशील, सजग और सेवा-भावयुक्त युवा तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।” उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्तर का नवाचार बताते हुए कहा कि भविष्य में छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जाएगा। वहीं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा जी ने पाठ्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने आयोग और सभी छह विश्वविद्यालयों को पाठ्यक्रम लागू करने हेतु बधाई दी।
इन अमूल्य वचनों के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी, कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी, श्री टंकराम वर्मा जी का सहृदय आभार।
बता दें कि यह एक वर्षीय स्नातकोत्तर “पीजी डिप्लोमा इन चाइल्ड राइट्स एंड प्रोटेक्शन”, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर, आंजनेय विश्वविद्यालय, रायपुर, एमिटी विश्वविद्यालय, रायपुर और श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई-दुर्ग में प्रारम्भ होगा।
कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से कुलसचिव प्रो शैलेंद्र पटेल, प्रो ए के श्रीवास्तव, संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय सरगुजा कुलपति प्रोफेसर राजेंद्र लाकपाले, कुलसचिव श्री शारदा प्रसाद त्रिपाठी, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति एवं रायपुर संभाग आयुक्त श्री महादेव कावरे, कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा, आंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. टी.रामाराव, कुलसचिव डॉ. रूपाली चौधरी, एमिटी विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. पीयूष कांत पाण्डेय, कुलसचिव डॉ. सुरेश ध्यानी,श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई दुर्ग चांसलर डॉ.आई.पी. मिश्रा, कुलपति डॉ ए. के झा एवं डॉ जया मिश्रा, आयोग के सचिव प्रतीक खरे सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।








