

प्रविष्टि तिथि: 03 DEC 2025 5:13PM by PIB Raipur
Raipur chhattisgarh VISHESH भारत में तेजी से विकसित हो रहे निर्माण क्षेत्र को अधिक पर्यावरण-अनुकूल, ऊर्जा-कुशल और कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीकों की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) रायपुर और ग्रीन ऐश फाउंडेशन, जो एक गैर-लाभकारी संगठन है, संयुक्त रूप से 5 से 7 दिसंबर 2025 तक “ग्रीन ऐशकॉन एवं ग्रीन बिल्डकॉन – एम-सैंड, ग्रीन बिल्डिंग मटेरियल और फ्लाई ऐश उपयोगिता” पर आधारित सम्मेलन और प्रदर्शनी का आयोजन एनआईटी रायपुर के जी.ई. रोड परिसर में कर रहे हैं। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन 5 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त, वाणिज्य एवं पर्यावरण विभाग के मंत्री श्री ओम प्रकाश चौधरी तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के मंत्री श्री लखन लाल देवांगन द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव करेंगे।

उद्घाटन अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के चेयरमैन श्री अनुराग सिंह देव, ऊर्जा विभाग के सचिव और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. रोहित यादव, भूविज्ञान एवं खनन विभाग के निदेशक तथा छत्तीसगढ़ स्टेट मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक श्री रजत बंसल, राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड रायपुर के फ्लाई ऐश प्रबंधन के कार्यकारी निदेशक श्री राम भजन मलिक तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के निदेशक प्रोफेसर राजीव प्रकाश विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहेंगे।
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में लगभग दो सौ प्रतिनिधियों और प्रदर्शकों के भाग लेने की संभावना है, जिनमें थर्मल पावर प्लांट, ग्रीन बिल्डिंग मटेरियल निर्माता, सीमेंट और खनन क्षेत्र से जुड़े संगठन, फ्लाई ऐश उपयोगकर्ता, शोधकर्ता तथा कई सरकारी और निजी संस्थान शामिल होंगे। भारत में बुनियादी ढांचा विकास आज देश की प्रमुख आर्थिक गतिविधि के रूप में तेजी से उभर रहा है, किंतु निर्माण क्षेत्र अब भी अत्यधिक ऊर्जा-खपत और कार्बन उत्सर्जन वाला क्षेत्र है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा-संबंधित कुल कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन का लगभग 39 प्रतिशत हिस्सा निर्माण उद्योग से जुड़ा हुआ है, और प्राकृतिक संसाधनों के बड़े उपभोक्ता क्षेत्रों में होने के कारण यह उद्योग पर्यावरणीय क्षरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए अब आवश्यकता है कि निर्माण उद्योग शीघ्रता से सतत तकनीकों, कम कार्बन फुटप्रिंट और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण सामग्रियों के व्यापक उपयोग की दिशा में अग्रसर हो।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्र और विशेषज्ञों के प्रेज़ेंटेशन आयोजित होंगे, जिनमें फ्लाई ऐश के बेहतर और वैज्ञानिक उपयोग, सतत निर्माण तकनीकों के विकास तथा पर्यावरण के अनुकूल निर्माण सामग्रियों के प्रोत्साहन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इस दौरान मैन्यूफैक्चर्ड सैंड, बांस आधारित उत्पाद, निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट, पुनर्चक्रित प्लास्टिक तथा औद्योगिक और खनन अपशिष्ट जैसी नई तकनीकों और सामग्रियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी सम्मेलन की आधिकारिक वेबसाइट greenashcon.com पर पंजीकरण कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए सम्मेलन संयोजक माही से मोबाइल संख्या 9373136483 पर संपर्क किया जा सकता है।
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