




Raipur chhattisgarh VISHESH भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के सहयोग से “एसईसीआर के लोको शेड कर्मचारियों का ज्ञान संवर्धन (फेज-II)” शीर्षक से 10-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम 15 से 26 सितम्बर 2025 तक चलेगा और इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के संचालन और रखरखाव से जुड़े तकनीशियनों की तकनीकी दक्षताओं को बढ़ाना है।
यह पहल जुलाई-अगस्त 2025 में सम्पन्न हुए प्रथम चरण की सफलता के बाद की गई है। पहले चरण में पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया गया था, जबकि वर्तमान चरण विशेष रूप से तकनीशियनों के लिए तैयार किया गया है। इसमें फील्ड-स्तरीय समस्या समाधान, संचालन पद्धतियाँ और रखरखाव कौशल पर विशेष ध्यान दिया गया है।

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. राजीव प्रकाश, निदेशक, IIT भिलाई; श्री पीयूष गुप्ता, मुख्य विद्युत लोको इंजीनियर, SECR बिलासपुर; प्रो. संतोष विश्वास, डीन (अनुसंधान एवं विकास), IIT भिलाई; और संस्थान के संकाय, छात्र एवं SECR कर्मचारी उपस्थित थे।
डॉ. ललित कुमार साहू, कार्यक्रम समन्वयक, ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य लोकोशेड तकनीशियनों के ज्ञान और कौशल को विकसित करना, ब्रेकडाउन कम करना और रखरखाव प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाना है। डॉ. कृष्ण मुरारी, अध्यक्ष, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग, ने बताया कि प्रशिक्षण मॉड्यूल सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव के साथ जोड़ते हैं और प्रतिभागियों को इंटरैक्टिव सत्र, समस्या समाधान अभ्यास और नवीन तकनीकों का अनुभव प्रदान करेंगे।
प्रो. राजीव प्रकाश ने उद्योग-शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय विकास में IIT भिलाई की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने एआई आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, फॉल्ट डिटेक्शन और हल्के डिब्बों (लाइटवेट कोचेज़) के क्षेत्र में स्वदेशी अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया।
श्री पीयूष गुप्ता ने आईआईटी और भारतीय रेलवे के बीच 2012 से चली आ रही साझेदारी को याद किया और संकाय को लोको शेड का दौरा करने तथा वास्तविक रखरखाव का अवलोकन करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने रेलवे प्रणालियों की विश्वसनीयता और दक्षता बढ़ाने में एआई और डेटा एनालिटिक्स की भूमिका पर जोर दिया।
प्रो. संतोष विश्वास ने कार्यक्रम को “विकसित भारत” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और नवाचार-आधारित स्टार्टअप्स एवं क्रियान्वयन-उन्मुख परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। समारोह का समापन डॉ. शशांक कुर्म, सहायक प्रोफेसर, द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
कार्यक्रम प्रतिभागियों को रेलवे संचालन और रखरखाव की वास्तविक चुनौतियों से निपटने, सिद्धांत और व्यावहारिक अभ्यास का संतुलित मिश्रण प्रदान करने तथा एआई आधारित फॉल्ट प्रेडिक्शन तकनीकों से परिचित कराने का अवसर देगा। यह सहयोग IIT भिलाई और SECR की तकनीकी क्षमता और कौशल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।








