
Report manpreet singh
Raipur chhattisgarh VISHESH लंदन. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक ट्रेडोस एदनम गेब्रेसस ने एक यूरोपीय नेता से निजी बातचीत में यह स्वीकार किया है कि चीन के वुहान लैब से ही कोरोना वायरस लीक हुआ था. डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने यूरोप के एक नेता से की गई बातचीत की दौरान यह बात की है. उन्होंने इस बात की संभावना जताई कि हो सकता है कि वुहान लैब में कोई दुर्घटना हो गई हो, जहां से यह वायरस फैल गया. डब्ल्यूएचओ हमेशा से सार्वजनिक रूप से इस तथ्य को स्वीकार करने से बचता रहा है कि चीन के वुहान लैब से ही कोरोना वायरस लीक हुआ है.डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने कुछ दिन पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि यह वायरस कहां से पैदा हुआ और यह इंसानों में कैसे आया. वायरस के उद्भव को पहचानना बहुत जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की महामारी से बचा जा सके. उन्होंने कहा कि लेकिन नैतिक रूप से इसका उद्भव पता करना हमारी जिम्मेदारी बनती है. यह जिम्मेदारी कोरोना संक्रमित होने वाले लोगों, संक्रमण की चपेट में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिजनों के प्रति है. इसे जानने में जितना अधिक समय लगेगा, उतना ही इसके बारे में जानना मुश्किल होता जाएगा.

कोरोना वायरस का संक्रमण कैसे शुरू हुआ, यह राजनीतिक और वैज्ञानिक बहसों का मुद्दा बना हुआ है. दुनियाभर के कई वैज्ञानिक इस बात पर जोर देते हैं कि यह वायरस चमगादड़ों से इंसानों में आया. कई का कहना है कि यह लैब से लीक हुआ है. डब्ल्यूएचओ ने शुरूआती आंकलन में कहा था कि इस बात की संभावना नहीं है कि कोरोना वायरस किसी लैब से लीक हुआ होगा, लेकिन बाद में उसने कहा कि उसकी रिपोर्ट में खामी है और उसने इसकी दोबारा जांच के आदेश दिए.चीन वायरस संक्रमण फैलने के शुरुआती समय से ही अपने किसी लैब से वायरस के लीक होने की थ्योरी को खारिज करता रहा है. उसने तो एक बार यह भी दावा किया था कि यह वायरस अमेरिका से सब जगह फैला. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कोरोना वायरस के संक्रमण के लिए चीन को ही जिम्मेदार ठहराते रहे थे और वह उसे चीन का वायरस कहते थे.





















