
रिपोर्ट मनप्रीत सिंह
रायपुर छत्तीसगढ़ विशेष : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने इस समय सबसे बड़ा उपचार सोशल डिस्टेंसिंग को माना जा रहा है लेकिन इस उपचार में सबसे बड़ी बाधा जनप्रतिनिधि बन रहे हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने इस समय सबसे बड़ा उपचार सोशल डिस्टेंसिंग को माना जा रहा है लेकिन इस उपचार में सबसे बड़ी बाधा जनप्रतिनिधि बन रहे हैं। विश्वभर में फैली इस आपदा को लेकर हर तरफ चिंता का माहौल है लेकिन यहां के नेताओं ने मानों इस आपदा को एक तरह से अपने लिए अवसर मान लिया है। नेताओं की गतिविधियां न सिर्फ उनको बल्कि आम जनता को भी मुसीबत में डालने का काम कर रही हैं।
प्रशासन के राहत शिविरों को कुछ नेताओं ने अपनी राजनीति चमकाने का माध्यम बना लिया है तो कुछ नेता इस मौके पर भी दौरे और सभाओं से बाज नहीं आ रहे हैं। मोहला-मानपुर विधायक तो बकायदा गांव में घूमकर लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने के बहाने सभाएं भी ले रहे हैं और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
नहीं कर रहे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
राजनांदगांव जिला फिलहाल कोरोना वायरस के संक्रमण से बाहर हो गया है लेकिन देश में सबसे ज्यादा प्रभावित प्रदेश महाराष्ट्र की सीमा से लगे होने के चलते यहां प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है। लोगों को लगातार समझाइश दी जा रही है कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और इस वायरस से बचें लेकिन यहां इसे लेकर लगातार लापरवाही हो रही है।
बाजार में लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सामान खरीदने और सामान बेचने प्रशासन हिदायद दे रहा है और दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है लेकिन जनप्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण उपाय को नजरअंदाज करने का काम कर रहे हैं। लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि जनप्रतिनिधि न सिर्फ अपने क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं बल्कि वे भीड़ इक_ी कर सोशल डिस्टेंसिंग के खिलाफ भी जा रहे हैं।
यह कैसी सक्रियता
मोहला मानपुर के कांग्रेस विधायक इंद्रशाह मंडावी अपने विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं लेकिन वे लापरवाही बरतने का काम कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार गुरुवार को विधायक मंडावी अपने विधानसभा क्षेत्र के भर्रीटोला में पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को सूखा राशन का वितरण किया। विधायक मंडावी ने लोगों को मास्क लगाकर रहने और हर व्यक्ति के बीच एक मीटर की दूरी बनाकर रखने की सलाह दी लेकिन उनके कार्यक्रम में ही अच्छी खासी भीड़ लगी रही। विधायक की इस तरह की सक्रियता चर्चा का विषय रही।
ये भी नहीं चूक रहे मौके से
निरीक्षण में पहुंच गए पीसीसी अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र की सीमा पर बागनदी से रोके गए झारखंड सहित अन्य जगहों के लोगों को प्रशासन ने सड़क चिरचारी के शिविर में रखा है। प्रशासन का विरोध करने वाले नेता बाद में शिविर की व्यवस्था सुधरने के बाद लगातार सड़क चिरचारी का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में जिले में शोक कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम सोमवार को सड़क चिरचारी शिविर पहुंचे थे और इस दौरान अच्छी खासी भीड़ जमा हुई थी। जिलेभर के नेताओं ने मरकाम के साथ शिविर में मौजूद रहकर सोशल डिस्टेंस की अच्छी खासी धज्जियां उड़ाई।
जन्मदिन मनाने पहुंच गई विधायक
खुज्जी विधायक छन्नी साहू ने भी अपने जन्मदिन के अवसर को नहीं छोड़ा और मंगलवार को वे सड़क चिरचारी के शिविर पहुंच गई। विधायक ने अफसरों की मौजूदगी में शिविर में मौजूद लोगों को फल का वितरण किया। इस दौरान भी भीड़ लगी रही और सोशल डिस्टेंस का मजाक उड़ता रहा। सड़क चिरचारी में रखे गए अलग-अलग राज्यों के लोगों के लिए प्रशासन ने व्यवस्था की हुई है और उन्हें लगातार सोशल डिस्टेंस का पालन करने की समझाइश दी जा रही है लेकिन विधायक के जन्मदिन के मौके पर किसी तरह की व्यवस्था काम नहीं आई और शिविर में आपाधापी की स्थिति बनी रही।
विधायक ले रहे ग्रामीणों की बैठक
मोहला मानपुर विधायक मंडावी लगातार गांव का दौरा कर रहे हैं और अपने दौरों में कांग्रेस के नेताओं के साथ ही पंच, सरपंच, मितानिन, स्वास्थ्यकर्मी, बिहान समूह, राजस्व, महिला बाल विकास, रोजगार सहायक और ग्रामीणों की फौज लेकर चल रहे हैं। जानकारी के अनुसार उन्होंने कोहका, हलोरा, सीतागांव, डोंगरगांव, औंधी और राजकट्टा के अलावा कई गांवों का दौरा किया और लोगों को समझाइश दी। विधायक के साथ जनपद अध्यक्ष दिनेशशाह मंडावी, युकां जिला अध्यक्ष मनीष निर्मल, ब्लॉक अध्यक्ष लच्छू सावले, जिला महामंत्री समीम तिगाला, घसियाराम नाग, सुखमबाई खरे, हेमंत मिंज, पंडित कोसमा सहित क्षेत्र के सरपंचों और ग्रामीणों के रहने की जानकारी सामने आई है।
बिगड़ रही व्यवस्था
कलेक्टर राजनांदगांव जयप्रकाश मौर्य ने बताया कि सड़क चिरचारी के शिविर के साथ ही अन्य जगहों पर जनप्रतिनिधि अपने समर्थकों के साथ पहुंच रहे हैं और इससे व्यवस्था बिगड़ रही है। इस संबंध में शासन को पत्र लिखा गया है। एसपी राजनांदगांव जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि विधायक के माओवाद प्रभावित गांवों में दौरे की जानकारी मिली थी। हमने उन्हें वहां जाने से मना भी किया लेकिन वे नहीं माने।





















