

Report manpreet singh
Raipur chhattisgarh VISHESH रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में कहा है कि चीन का 12 सूत्री बीजिंग प्लान यूक्रेन के साथ एक साल से जारी युद्ध ख़त्म कर सकता है. उन्होंने कहा कि ये संभव है, लेकिन इसे अमल में लाने के लिए पश्चिमी मुल्कों और यूक्रेन की रज़ामंदी ज़रूरी है. बीते मंगलवार शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन के बीच मॉस्को में द्विपक्षीय रिश्तों और यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा हुई थी l चीन ने रूस और यूक्रेन के बीच पिछले एक साल से जारी युद्ध को ख़त्म कराने के लिए 12 सूत्री कार्यक्रम तैयार किया है जिसे ‘बीजिंग पीस प्लान’ कहा जा रहा है.

ये प्लान पिछले महीने ही सार्वजनिक हुआ. इस पीस प्लान में स्पष्ट रूप से कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया है. लेकिन ये पीस प्लान राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करने की अपील करता है. इस पीस प्लान में ये नहीं कहा गया है कि रूसी सैन्य बलों को यूक्रेन से निकल जाना चाहिए. लेकिन यूक्रेन का कहना है कि रूस के साथ किसी भी बातचीत की पहली शर्त उसके सैन्य बलों का यूक्रेनी ज़मीन से हटना है. अब तक रूस की ओर से इस तरह की शर्त मानने के संकेत नहीं मिले हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सोमवार को कहा है कि रूस के यूक्रेन से हटे बग़ैर संघर्ष विराम की बात करने का मतलब यूक्रेन पर रूसी आक्रमण को समर्थन देने जैसा है.
शी जिनपिंग के साथ बैठक ख़त्म होने के बाद साझा प्रेस वार्ता में पुतिन ने कहा, “यूक्रेन में संघर्ष ख़त्म करने के लिए चीनी पीस प्लान के कई प्रावधानों को अमल में लाया जा सकता है, जब भी पश्चिमी देश और यूक्रेन इसके लिए तैयार हों. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रूस को अब तक दूसरे पक्ष की ओर से इस मुद्दे पर ऐसी तत्परता नहीं दिखी है. वहीं, पुतिन के साथ खड़े होकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि उनकी सरकार शांति और संवाद के पक्ष में थी और अब इतिहास गवाह है कि चीन सकारात्मकता के साथ खड़ा था.





















