

अधिकारियों के मुताबिक गुरुवार को तो एक ही फ्लाइट से 33 गर्भवती महिलाएं यहां पहुंचीं.अर्जेंटीना पहुंचने वाली रूसी गर्भवती महिलाओं की संख्या में एकाएक इजाफा हुआ है. अर्जेंटीना की नेशनल माइग्रेशन एजेंसी के मुताबिक़ ये सभी महिलाएं अपनी प्रेग्नेंसी के आखिरी हफ्तों में हैं. माना जा रहा है कि ये महिलाएं अपने बच्चों की डिलीवरी अर्जेंटीना में कराना चाहती हैं ताकि उन्हें यहां की नागरिकता मिल जाए. गुरुवार को रूस की 33 गर्भवती महिलाएं एक ही फ्लाइट से अर्जेंटीना की राजधानी पहुंचीं.
हालांकि तीन को उनके ‘यात्रा दस्तावेज़ों में कुछ कमियों ‘ की वजह से रोक दिया गया.देश और दुनिया की बड़ी ख़बरें और उनका विश्लेषण करता समसामयिक विषयों का कार्यक्रम. माइग्रेशन एजेंसी की प्रमुख फ्लोरेंसिया केरिगनेनो ने ‘ला नेसियन’ अख़बार से कहा कि इससे पहले भी तीन महिलाओं को रोका गया था. इन महिलाओं ने पहले कहा था कि वे पर्यटक के तौर पर अर्जेंटीना आई हैं.

फ्लोरेंसिया केरिगनेनो ने कहा, ”जांच से पता चला है कि वे यहां पर्यटन के इरादे से नहीं आई थीं. ये बात उन्होंने बाद में खुद कुबूली.” उन्होंने कहा कि ये महिलाएं चाहती थीं कि उनके बच्चों को अर्जेंटीना की नागरिकता मिल जाए. इससे उनके पास यहां का पासपोर्ट होगा. रूसी पासपोर्ट की तुलना में अर्जेंटीना के पासपोर्ट को ज्यादा छूट हासिल है.
केरिगनेनो ने कहा, ”दिक्कत ये है कि ये महिलाएं यहां आती हैं. अपने बच्चों को अर्जेंटीना की पहचान दिलाती हैं और फिर यहां से निकल जाती हैं. हमारा पासपोर्ट दुनिया के सबसे सुरक्षित पासपोर्ट में से एक है. यहां के पासपोर्ट से दुनिया के 171 देशों में वीजा फ्री एंट्री मिल जाती है.” जबकि रूसी पासपोर्ट से सिर्फ 87 देशों में ही वीजा फ्री एंट्री मिलती है. बच्चे के अर्जेंटीना में पैदा होने से उनके मां-बाप को भी नागरिकता देने की प्रक्रिया तेज हो जाती है.रूस ने पिछले साल फरवरी में यूक्रेन पर हमला कर दिया था. इसके बाद रूसी यात्रियों के लिए पश्चिमी देशों की यात्रा कठिन हो गई है.
पिछले साल सितंबर में यूरोपियन यूनियन और रूस के बीच वीजा फेसिलिटेशन समझौता रद्द कर दिया गया था. इसके बाद रूसियों के लिए यूरोप के वीजा के लिए अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की जाने लगी. वीजा प्रोसेसिंग का समय भी बढ़ गया और वीजा जारी करने के नियम भी थोड़े अधिक कर दिए गए.यूरोपियन यूनियन के देशों समेत कई अन्य देशों ने फिलहाल रूसियों के लिए वीजा जारी करने पर रोक लगा रखी है.
अर्जेंटीना पहुंचने पर जिन तीन रूसी महिलाओं को रोक लिया गया था उनके वकील ने कहा कि उनके मुवक्किलों को ‘गलत तरीके से हिरासत’ में रखा जा रहा है. उन पर ‘फर्जी टूरिस्ट’ होने का आरोप लगाया जा रहा है.वकील क्रिस्टियन रुबिलर ने कहा, “उन्हें ‘फॉल्स टूरिस्ट्स’ कहा गया. लेकिन ये शब्द हमारे कानून में नहीं है.” ”इन महिलाओं ने कोई अपराध नहीं किया है और न ही आप्रवास से जुड़ा कोई नियम तोड़ा है. उन्हें यहां गैरकानूनी तौर पर हिरासत में रखा गया है. उन्हें उनकी आजादी से वंचित किया जा रहा है.”हालांकि बाद में इन महिलाओं को छोड़ दिया गया.





















