

गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की प्रारंभिक जांच पर दिया गया विशेष जोर
प्रविष्टि तिथि: 18 OCT 2026 9:55AM by PIB Raipur
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर की सिकल सेल समिति ने जैव रसायन विभाग तथा एसोसिएशन ऑफ बायोकेमिस्ट्री क्लिनिकल वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), धरसीवां में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का प्राथमिक उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान की जाने वाली जांचों तथा नवजात शिशुओं की प्रारंभिक स्क्रीनिंग के प्रति जन-जागरूकता को सुदृढ़ करना था। यह कार्यक्रम एम्स रायपुर की अधिष्ठाता (शैक्षणिक), सिकल सेल समिति की अध्यक्ष एवं जैव रसायन विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एलि मोहापात्रा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं की माताओं, मितानिनों तथा स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों सहित 60 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।


शिविर के तकनीकी एवं जागरूकता सत्रों के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। प्रो. (डॉ.) सुप्रवा पटेल ने गर्भावस्था के दौरान एनीमिया, उच्च रक्तचाप, गर्भावधि मधुमेह और आनुवंशिक विकारों की समय पर पहचान के लिए प्रसवपूर्व स्क्रीनिंग की अनिवार्यता पर प्रकाश डाला। वहीं, प्रो. (डॉ.) तुषार जगजापे ने नवजात शिशुओं में जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म, जी6पीडी की कमी तथा सिकल सेल रोग की समय रहते पहचान सुनिश्चित करने के लिए नवजात स्क्रीनिंग की उपयोगिता रेखांकित की। इसके अतिरिक्त, डॉ. अमित कुमार मिश्रा ने आनुवंशिक परामर्श, प्रारंभिक जांच और रोगों से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य समुदाय स्तर पर समय पर जांच, रोगों की शीघ्र पहचान और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना है, ताकि सुरक्षित मातृत्व के साथ-साथ स्वस्थ भविष्य का निर्माण किया जा सके। आयोजन समिति ने निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही, शिविर के सुचारु एवं सफल संचालन में सक्रिय योगदान देने वाले सीएचसी धरसीवां के चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया गया।








