
ग्रामोद्योग मंत्री श्री गजेंद्र यादव के मार्गनिर्देशन पर सचिव श्री राजेश सिंह राणा ने पारिश्रमिक एवं सहायता अनुदान का किया वितरण; नए बुनाई प्रशिक्षण और रोजगार सृजन को भी मिलेगा बढ़ावा

माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार एवं माननीय श्री गजेन्द्र यादव ग्रामोद्योग मंत्री के मार्गनिर्देश्न ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह संचालक सह प्रबंध संचालक श्री राजेश सिंह राणा (आई.ए.एस.) के द्वारा 10 सितम्बर 2026 को प्रदेश के बुनकर सहकारी समितियों एवं महिला स्व सहायता समूहों को राशि रू. 613.27 का पारिश्रमिक एवं सहायता अनुदान स्वीकृत किया गया। जिसके अंतर्गत 78 बुनकर सहकारी समितियों के माध्यम से राशि रू. 359.00 लाख का बुनाई पारिश्रमिक एवं 739 महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से राशि रू. 223.66 लाख का सिलाई पारिश्रमिक का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में RTGS के माध्यम से हस्तांतरित किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री जी श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं माननीय श्री गजेन्द्र यादव मंत्री छत्तीसगढ़ शासन ग्रामोद्योग विभाग के मार्गनिर्देशन में एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह संचालक सह प्रबंध संचालक श्री सिंह राणा के द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के 60 लोगों को नवीन बुनाई प्रशिक्षण देने के लिए राशि रू. 20.60 लाख, 40 बुनकरों को कौशल उन्नयन बुनाई प्रशिक्षण हेतु राशि रू. 7.20 लाख तथा जांजगीर-चांपा के 02 बुनकर सहकारी समितियों को रिवाल्विंग फंड राशि रू. 3.00 लाख कुल राशि रू. 30.80 लाख स्वीकृत किया गया है। जिसके अंतर्गत कोंडागांव, धमतरी एवं जांजगीर-चांपा जिले के 20-20 हितग्राहियों को 04 माह का नवीन बुनाई प्रशिक्षण दिया जायेगा तथा प्रशिक्षण उपरांत निःशुल्क नवीन करघे एवं सहायक उपकरण प्रदान कर बुनाई कार्य के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित किया जायेगा, जिससे उनकी आर्थिक एवं सामाजिक विकास में सहायक सिद्ध होंगे। राजनांदगांव एवं जांजगीर-चांपा के 20-20 बुनकरों को कौशल उन्नयन बुनाई प्रशिक्षण देकर गुणवत्तायुक्त वस्त्र उत्पादन हेतु प्रेरित किया जायेगा, जिससे उनकी आर्थिक विकास में सहायक होगी। जांजगीर-चांपा के 02 बुनकर सहकारी समितियों के अकार्यशील करघों को कार्यशील करने हेतु रिवाल्विंग फंड योजना अंतर्गत बिना ब्याज की राशि रू. 3.00 लाख स्वीकृत किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार प्रदेश के बुनकर सहकारी समितियों को छत्तीसगढ़ के समृद्ध हाथकरघा बुनाई कला के माध्यम से ‘‘वोकल फार लोकल’’ के अवधारणा को सार्थक बनाने में ग्रामोद्योग विभाग द्वारा सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है, जिसका लाभ प्रदेश के बुनकरों एवं सिलाई कार्य से जुड़े समूहों को प्राप्त हो रहा है।
























