



Raipur chhattisgarh VISHESH / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में राजभाषा समिति द्वारा दिनांक 11 सितंबर 2026 को दिग्विजय दिवस के अवसर पर “विश्व मंच पर आज का भारत” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक शिकागो भाषण को याद करते हुए आज के विश्व में भारत की भूमिका और उपलब्धियों पर विचार रखने के लिए एक मंच प्रदान करना था।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छत्तीसगढ़ के प्रदेश संगठन मंत्री श्री नीलेश कटारे, एवं अन्य गणमान्य अतिथियों में संस्थान के निदेशक प्रभारी) प्रो. समीर बाजपेयी, डीन (छात्र कल्याण) एनआईटी रायपुर डॉ. मनोज कुमार चोपकर, डॉ. संजय कुमार और डॉ. शारदा नंदन राव, उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

डॉ. संजय ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि अमेरिका के प्रसिद्ध समाचार पत्रों ने स्वामी विवेकानंद जी को उस समय का सर्वश्रेष्ठ वक्ता बताया था। आज हम उनके उसी ऐतिहासिक भाषण को याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद एक दिन में महान नहीं बने थे, बल्कि उन्होंने लगातार अध्ययन और प्रयास से यह स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने सभी से उनके विचारों को पढ़ने, समझने और उन्हें अपने जीवन में अपनाने का आग्रह किया।
डॉ. बाजपेयी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के व्यक्तित्व से किसी को परिचित कराने की आवश्यकता नहीं है। उनकी स्मृति में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की गई। उन्होंने सभी से उनके विचारों और लेखों को पढ़कर जीवन में अपनाने का आग्रह किया, ताकि हम उस भारत का निर्माण कर सकें जिसकी उन्होंने कल्पना की थी। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के संदेश “उठो, साहसी बनो और अपने भाग्य की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर लो” को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
श्री कटारे ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का व्यक्तित्व और कृतित्व इतना महान था कि हम उनकी जयंती के साथ उनके ऐतिहासिक भाषण की वर्षगांठ भी मनाते हैं। उन्होंने गुरु से उनके प्रसिद्ध प्रश्न “क्या आपने भगवान को देखा है?” का उल्लेख किया और बताया कि भारत भ्रमण के दौरान उन्हें वास्तविक भारत को समझने का अवसर मिला। उनके विचार थे— “मैं उस भगवान का पुजारी हूँ, जिसे लोग इंसान कहते हैं।” उन्होंने सभी से स्वामी विवेकानंद जी के सपनों का भारत बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया।
इसके बाद विद्यार्थियों की भाषण प्रतियोगिता शुरू हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने “विश्व मंच पर आज का भारत” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के बाद विजेताओं के नाम घोषित किए गए। अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित लोगों को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ।





















