

‘इको केयर एवं आपदा प्रबंधन अभियान’ के तहत अधिकारियों-कर्मचारियों को संकट प्रबंधन और सकारात्मक सोच का संदेश
आपदा की स्थिति में शांत मन, आत्मबल और विवेकपूर्ण निर्णय क्षमता को बताया प्रभावी तैयारी का आधार
प्रविष्टि तिथि: 08 AUG 2026 7:18PM
भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के विभिन्न विभागों में राष्ट्रव्यापी ‘इको केयर एवं आपदा प्रबंधन अभियान’ के अंतर्गत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सहयोग से मानसिक एवं भावनात्मक सुदृढ़ता, सकारात्मक सोच तथा आपदा और संकट की परिस्थितियों में मानसिक तैयारी पर केंद्रित विशेष संवाद एवं प्रेरक सत्रों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों का उद्देश्य कर्मचारियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मानसिक रूप से तैयार रहने और संतुलित एवं प्रभावी निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना रहा।

कोक ओवन विभाग में आयोजित विशेष संवाद सत्र में कार्यकारी मुख्य महाप्रबंधक (कोक ओवन) श्री ओ.पी. भट्ट तथा विशिष्ट अतिथि वक्ता ब्रह्मकुमार श्री पीयूष जी, आंचलिक समन्वयक, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय और ब्रह्मकुमारी सुश्री मयंक जी उपस्थित रहीं।
सत्र को संबोधित करते हुए ब्रह्मकुमार श्री पीयूष जी ने भावनात्मक सुदृढ़ता और संकट प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्मिकों को स्वस्फूर्त, ऊर्जावान और प्रसन्नचित रहते हुए संयंत्र तथा स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की प्रगति में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मानसिक और भावनात्मक रूप से तैयार रहना चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना करने की महत्वपूर्ण कुंजी है। उन्होंने सेल को ‘महारत्न’ से ‘विश्व रत्न’ की दिशा में आगे ले जाने में प्रत्येक कार्मिक की सक्रिय और सकारात्मक भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

इसी क्रम में एम एंड यू कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित सत्र में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) श्री बी.के. बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (उपयोगिताएं) श्री जे.पी. सिंह सहित एम एंड यू जोन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभागिता की। स्टील मेल्टिंग शॉप-2 में भी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था के सहयोग से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महाप्रबंधक (स्टील मेल्टिंग शॉप-2) श्री कौशल कांत तिवारी, श्री एस. देबसिकदर, श्री कमल अहमद शेख और श्री सोवन मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रमों में वक्ताओं ने मानसिक और भावनात्मक तैयारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आपदा या संकट की स्थिति में केवल भौतिक संसाधन पर्याप्त नहीं होते। ऐसी परिस्थितियों में शांत मन, सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन, आत्मबल और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही आवश्यक होती है। मानसिक रूप से सशक्त व्यक्ति चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना अधिक धैर्य, आत्मविश्वास और प्रभावी ढंग से कर सकता है।
सत्रों में अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने को भी जिम्मेदार नागरिक और कर्मचारी के रूप में महत्वपूर्ण बताया गया। जल के विवेकपूर्ण उपयोग, विद्युत ऊर्जा की बचत, एकल-उपयोग प्लास्टिक के बहिष्कार, पर्यावरण संरक्षण तथा भावी पीढ़ी को संस्कारवान बनाने जैसे विषयों पर भी जागरूकता का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने पर्यावरण के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रमों के दौरान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था की बहनों ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को शांति, प्रसन्नता एवं सकारात्मकता का संदेश दिया। कार्यक्रमों के समापन पर संक्षिप्त ध्यान सत्र भी आयोजित किए गए, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की।





















